Antarvasna kahani मामा की लड़की के साथ मनाई सुहागरात 1 Best

मामा की लड़की के साथ मनाई सुहागरात Antarvasna kahani

Antarvasna kahani: मेरा नाम नमन है मेरी उम्र अभी 22 साल है और मैं अपने माता-पिता व बड़ी बहन के साथ पटेल नगर दिल्ली में रहता हूँ। ये मेरी पहली कहानी है जिसमे मैंने अपने मामा की बेटी की चुदाई की थी। चलिए अब मैं आपको सेक्स से भरपूर कहानी सुनाता हूँ।

मेरे मामा एक बैंक में जॉब करते हैं और नोएडा में रहते हैं। मामी हाउस वाइफ है, उनके साथ उनकी बेटी, जिसका नाम मृणालिनी है, रहती है जो अभी कुछ दिन पहले ही 18 साल की हो गई। उसका रंग गोरा है और शरीर पतला है। मेरे मामा का एक बेटा भी है जो फिलहाल लंदन में अपनी पढ़ाई कर रहा है।

जो घटना मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ ये अभी 15 दिन पहले की ही घटना है। जब मामी ने मुझे नोएडा बुलाया क्योंकि उन्हें 2 दिन के लिए किसी काम से अपने मायके जाना था। जब भी वो कहीं जाती हैं तो मुझे मृणालिनी के पास रहना पड़ता है।

मैं मामा के घर पहुंचा तो मामी मुझे घर के दरवाजे पे ही मिल गई। उन्होंने मुझे बताया कि मृणालिनी नहा रही है तुम बैठो, वो आकर चाय बना देगी।
इतना बोल के मामी चली गई।

मैं अंदर जाकर बाहर वाले कमरे में बैड पर लेट गया। अभी 5 मिनट ही हुए थे कि अंदर वाले कमरे में मुझे मृणालिनी दिखाई दी जो कि सिर्फ एक तौलिया लपेटे थी। मेरे कमरे की लाइट बंद थी पर उसके कमरे में लाइट जल रही थी। उसके बाद जो हुआ, वो मेरी कल्पना से भी परे था।

मृणालिनी ने अचानक से अपने कमसिन बदन से तौलिया हटा दिया. अपनी बहन को पूरी नंगी देखकर मेरी आँखें फटी की फटी रह गई क्योंकि मैंने जीवन में कभी किसी लड़की को ऐसे नग्न हालत में नहीं देखा था।

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उसकी लंबाई 5 फिट 6 इंच की है। उसकी फिगर सही तो नहीं बता सकता पर पर उसकी चूचियाँ 32″ की व पेट से वो बहुत पतली सी है. और हाँ उसकी गांड बड़ी जानदार लग रही थी जो लगभग 34 या 36 की होगी।

वो इस बात से अनजान थी कि कोई उसे बिना कपड़ों के देख रहा है। वहीं से मुझे दिखा कि उसकी चूत बड़ी खूबसूरत लग रही थी। देखकर ही पता चल रहा था कि वो अभी उसके बाल साफ करके आई है। मेरा लंड उसकी चूची, गांड व चूत को देखकर बेकाबू हो रहा था। वो शायद अपनी ब्रा व अंडरवियर ढूंढ रही थी।

अभी 2 से 3 मिनट ही हुए थे कि उसे कुछ शक हुआ जैसे घर पे कोई है। मेरे बारे में उसे नहीं पता था। उसने जल्दबाजी में तौलिया लपेटा और उस कमरे में आ गई जिसमें मैं लेटा था।
जैसे ही उसने लाइट का स्विच ऑन किया, वो हैरानी से मुझे देखकर बोली- भैया आप कब आये? और अंदर कैसे आये?
मैंने उसे बताया- जब मामी जी यहीं थी, तब आ गया था।

उसके बाद उसने दूसरा सवाल पूछा- आपने कुछ देखा तो नहीं?
मैंने अनजान बनते हुए पूछा- कुछ मतलब?
वो घबराती हुई बोली- मैं अंदर कमरे में थी बिना कपड़ों के?
मैंने कहा- हां, वो तो सब देखा मैंने … पर मैं करता भी क्या … क्योंकि एक अप्सरा मेरे सामने इस अवस्था में थी तो चाहकर भी आँखें नहीं हटा सका।

ये सब सुनकर वो घबरा के वहीं सोफे पे बैठ गई। उसके चेहरे को देखकर ही पता चल रहा था कि उसके हृदय की धड़कनें उसके काबू में नहीं थी।
कुछ देर चुपचाप बैठी रही.
तब मैंने पूछा- क्या हुआ?
तो मेरी बहन बोली- ये सब नहीं होना चाहिए था।
तब मैंने कहा- इसमें ना तुम्हारी गलती ना मेरी। फिर इसमें डरने वाली कौन सी बात है?

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फिर पता नहीं उसके दिमाग में क्या आया, उसने अपने दोनों पैर उठाके सामने वाली मेज पर रख दिये। वो ठीक मेरे सामने थी जिसके कारण मुझे उसकी चूत साफ-2 दिखाई दे रही थी।
मैंने उसे कहा- ये क्या कर रही है?
हमारे बीच पहले कभी ऐसी कोई बातचीत भी नहीं हुई थी. इसलिए मैं संभलने की कोशिश कर रहा था।

वो बोली- आपने सब कुछ देख ही लिया फिर छुपाने का क्या फायदा? आप जी भर के देखो।

उसकी गोरी-2 व नंगी जांघ देखकर साथ में चूत देखकर मेरा लंड दुबारा से हरकत में आ गया। मेरी बेचैनी बढ़ने लगी थी, मेरा हाथ अपने आप उसे सहलाने लगा।
ये सब देखकर वो बोली- आप क्या करने लगे?
मैं बोला- जिसके सामने एक अप्सरा आधी नंगी बैठी हो वो कैसे अपने होश संभाले?
तब उसने कहा- ये अप्सरा तो अब पूरी नंगी भी हो सकती है क्योंकि आपने सब देख ही लिया। लेकिन पहले मुझे आपका वो देखना है जिसे आप हाथ से सहला रहे हो।

मुझे और क्या चाहिए था … जल्दी से मैंने अपनी पैंट उतारी, फिर अंडरवियर उतारकर अपना लंड उसके सामने कर दिया। वो उसे देखकर हैरानी से बोली- ये इतना बड़ा होता है क्या?
मैंने कहा- हां, ये इतना ही बड़ा होता है।
वो बोली- क्या मैं इसे छू सकती हूं?

मैंने जैसे ही हां कहा, वो सोफे से खड़ी हो गई वो तौलिया पूरा निकालकर मेरे पास आकर अपने दोनों हाथों से मेरा औजार पकड़ लिया।
मदहोशी में मेरी आँखें बंद हो गई।

तभी मेरे नाक में एक अजीब सी खुशबू महसूस हुई जो मेरी बहन के नंगे जिस्म की ही महक थी। मृणालिनी मेरे लंड को सहला रही थी. मैंने भी अपना हाथ उसकी कमर पे रखा, फिर धीरे-2 उसे नीचे लाते हुए उसकी गांड पे हाथ फिराया तो ऐसा लगा जैसे मक्खन पे हाथ चल रहा हो।

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उसके बाद मैं अपनी जीभ उसकी नंगी जांघ पे फिराने लगा.
वो बोली- भैया रहने दो ना प्लीज़।
मैं कहाँ रुकने वाला था, आगे बढ़ते हुए मैंने अपनी जीभ उसकी चूत के दाने पे लगा दी।

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इतना कुछ वो बर्दाश्त नहीं कर पाई और मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी। जबकि उसने पहले ऐसा कभी नहीं किया था। वो पास में खड़ी होकर मेरा लंड चूस रही थी जबकि मैं लेटे-2 उसकी चूत को चाट रहा था।

काफी देर तक हम दोनों इसी हालत में एक दूसरे के साथ मजे लेते रहे. तभी मुझे लगा कि मेरी पिचकारी छूटने वाली है तो मैंने उसे बताया पर वो तो ना जाने किस दुनिया में थी।

तभी मेरे लन्ड से लावा फूट पड़ा। कुछ तो उसके मुँह में ही चला गया. फिर उसने जैसे ही अपना मुँह हटाया तो मेरे वीर्य से उसका सारा चेहरा गन्दा हो गया।

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वो अजीब से मुँह बनाती हुई बोली- भैया ये क्या है?
मैंने उसे बताया- ये वीर्य है.
तो बोली- आपने पहले क्यों नहीं बताया?
मैंने उसे कहा- बताया था पर तुमने सुना नहीं।

वो बोली- ठीक है, अब आपको मेरा पानी पीना पड़ेगा।
मैंने कहा- नहीं, आज तक मैंने भी नहीं पीया, आज रहने दो, बाद में देखेंगे।

पहले वो अपना चेहरा धो के आई। जब वो बिल्कुल नंगी बाहर जा रही थी तो उनकी गांड देखकर मेरा लन्ड दुबारा से मस्ती में आने लगा।

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अब वो वापिस आकर मेरे लंड के ऊपर बैठ गई और अपनी जीभ मेरे मुँह में दे दी। यह हम दोनों के ही जीवन का पहला चुम्बन था। मैं उसकी तो वो मेरी जीभ को चूसने लगी।

थोड़ी देर किस करने के बाद मैं उसकी चूचियों पे जीभ फिराने लगा।

बारी-2 से दोनों चूचियों को चाटने के बाद वो उठी और घूम कर दुबारा से मेरे लन्ड को मुँह में ले लिया. अब उसकी गोरी, मोटी गांड व बिना बालों की चूत मेरे मुँह से बस थोड़ी दूर थी. तो मैंने भी लपक कर उसकी चूत को पूरा मुँह में ले लिया।

लगभग 10 मिनट तक दोनों इसी हालत में रहे तो मैंने कहा- इस बार पूरा रस मुँह में ही लेना. मैं भी तुम्हारा रस मुँह में ही ले लूंगा।
वो पहले तो मना करती रही फिर मान गई।

कुछ ही देर में मुझे झटके लगने लगे व उसकी चूत से भी कुछ बहने लगा. दोनों ने एक दूसरे का पानी पिया और अलग हो गये।
मैंने उसे कहा- कोई आ सकता है इसलिए बाकी काम रात में करेंगे।
तो वो मान गई और हम दोनों ने अपना मुँह धोकर कपड़े पहन लिए।

दिन में जब वो किचन में खाना बना रही थी तो मैंने उसके गांड पे अपना लंड लगा दिया.
वो बोली- भैया रहने दो ना, रात में जो मर्जी कर लेना पर अभी काम करने दो।
मैंने एक लिप किस किया और जाकर टीवी देखने लगा।

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रात में उसने खाना बनाया और दोनों ने एक साथ बैठकर खाना खाया।

उसके बाद दोनों एक ही बैड पे लेट गये. सर्दियां शुरू हो गई थी इसलिए दोनों ने एक कम्बल ले लिया। लेकिन अचानक से वो उठ कर दूसरे रूम में चली गई. वहां से जब वो वापिस आई तो उसने एक सेक्सी सा लाल रंग का गाउन पहना हुआ था।
मेरी ममेरी बहन मेरे पास लेट गई तो मैंने कहा- आज तो हमारी सुहागरात है.
तो उसने शर्मा के अपना चेहरा अपने हाथों में छिपा लिया।

मैंने उसका गाउन उतारा तो देखा कि उसने काले रंग की जालीदार ब्रा व पैंटी पहनी हुई थी जिसमें वो बहुत सेक्सी व हॉट लग रही थी।

उसके बाद उसने मेरे कपड़े खुद ही उतार दिए. मैंने नीचे अंडरवियर नहीं पहना था जिसकी वजह से पैंट निकलते ही मैं पूरा नंगा हो गया।

उसने मेरे लंड को सीधा अपने मुँह में ले लिया उसके गुलाबी होठों ने मुझे मदहोश ही कर दिया। मैंने उसकी ब्रा व पैंटी निकालकर फेंक दी और उसे कहा- मेरे ऊपर आओ.
तो हम दोनों 69 में आ गए.

उसकी चूत से एक अजीब सी महक आ रही थी जो मुझे और भी पागल कर रही थी। काफी देर तक इसी हालत में रहने के बाद मृणालिनी को उठने को कहा और उसे अपने लन्ड पर बैठने को कहा। वो मेरे पेट पर लेट गई। मेरा लन्ड उसकी चूत को छू कर मस्ती से झूम रहा था। उसने अपने होंठ मेरे होंठों पे रख दिये और हम दोनों एक दूसरे को होठों को व जीभ को चूसने लगे।

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4 से 5 मिनट के बाद मैंने उसे उठाया और कहा- नीचे आओ, आज तुम्हारी नन्ही सी चूत का उदघाटन करूँगा।
मेरी बहन नीचे बिस्तर पर लेट गई। मृणालिनी डरी हुई थी, बोल रही थी- भाई, मैंने सुना है कि जब पहली बार चुदाई होती है तो बहुत दर्द होता है.
तो मैंने उसे दिलासा दी- मैं आराम से करूँगा, तू जाकर कोई क्रीम ले आ।

उसके बाद मृणालिनी ने बहुत सारी क्रीम मेरे लन्ड पे लगाई मैंने उसकी चूत पे लगाई। उसे लिटाकर मैं ऊपर आ गया और मृणालिनी को कहा- दर्द होगा पर बर्दाश्त कर लेना, प्लीज़ चिल्लाना मत।
अब मैंने उसकी एक टांग उठा के अपना लन्ड उसकी चूत पे सेट किया। पहला धक्का मारा तो वो अंदर नहीं गया साइड में फिसल गया। कई बार की कोशिश के बाद आखिर में लौड़े का आगे वाला भाग अंदर चला गया पर मृणालिनी दर्द से बिलबिला उठी।

मैं रुक गया क्योंकि वो बहुत नाजुक सी लड़की है। कुछ आराम मिला तो एक धक्का और मारा तो मेरा आधा लन्ड उसकी चूत को चीरता हुई अंदर समा गया पर इस झटके को बर्दाश्त नहीं कर सकी और चिल्ला कर रोने लगी।
फिर वो बोली- उम्म्ह … अहह … हय … ओह … भैया, प्लीज़ बाहर निकाल लो, बहुत दर्द हो रहा है, बाकी कल कर लेना।

मैं रुक गया और उसकी चूचियों को बारी बारी से मुँह में लेकर चूसने लगा। जिसमें ध्यान बटने के कारण उसका दर्द कुछ कम हुआ। अब मैंने एक आखिरी धक्का मारा तो मेरा पूरा लन्ड उसकी छोटी से चूत में समा गया. पर वो तो जैसे बेहोश सी हो गई। जिसके बाद मैं डर गया।

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पर जल्दी ही वो होश में आ गई और मुझे धक्का देकर अपने ऊपर से हटाने लगी। मैं कहाँ मानने वाला था, मैं कभी उसके होंठ चूसता कभी उसकी छोटी-छोटी चूचियाँ चूसता।
लगभग 5 मिनट के बाद मुझे लगा कि वो अपनी गांड हिला रही है. मैं समझ गया कि अब मृणालिनी को दर्द नहीं हो रहा।

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मैंने धीरे-2 धक्के मारने शुरू किए तो वो भी मेरे साथ मस्ती में झूमने लगी। काफी देर तक चुदाई करने के बाद जब मुझे लगा कि छूटने वाला है तो उसकी चूत से निकालकर उसकी मुँह में दे दिया. तभी मेरा पानी छूट गया जिसे उसने पूरा पी लिया।
अब उसकी बारी थी वो भी उठकर मेरे मुँह के ऊपर बैठ गई। मैं उसकी भावनाओं को समझ गया औऱ उसकी चूत में अपनी जीभ घुसा दी इतने में ही वो भी अकड़कर ढीली हो गई।

उस रात हमने अपनी सुहागरात में 3 बार चुदाई की। एक बार तो मैं मृणालिनी की गांड में लन्ड देना चाहता था पर वो नहीं मानी बोली- भाई आज चूत का दर्द झेल लूं, अगली बार गांड का ही उदघाटन करवा लूंगी आप से ही।

उसके बाद हम दोनों सो गये।

अगले दिन फिर से दिन में यही चुदाई का खेल खेला जिसके बारे में अगली कहानी में बताऊंगा।
[email protected]

आपको मेरी मामा की लड़की के साथ मनाई सुहागरात कैसी लगी मुझे Telegram पर ज़रूर बताये में आपके comment और message का इंतज़ार करूगा. इसके अलावा आप कहानी पर नीचे कमेंट करके भी अपनी राय दे सकते हैं. और नई सेक्स स्टोरी और video को देखने के लिये Telegram ग्रुप को join कर सकते है.

मामा की लड़की के साथ मनाई सुहागरात Antarvasna kahani

Read in English

Mama ki ladki ki saat suhagraat Antarvasna kahani

Antarvasna kahani: My name is Naman, I am 22 years old and I live in Patel Nagar Delhi with my parents and elder sister. This is my first story in which I fuck my uncle’s daughter. Let me tell you a story full of sex.

My maternal uncle works in a bank and lives in Noida. Mami is a housewife, she lives with her daughter, named Mrinalini, who turned 18 just a few days ago. He has a fair complexion and a thin body. My maternal uncle also has a son who is currently studying in London and Antarvasna Kahani.

The incident which I am going to tell you is just 15 days back. When Mami called me Noida because she had to go to her maternal home for 2 days. Whenever she goes somewhere, I have to be near Mrinalini and Antarvasna Kahani.

When I reached my maternal uncle’s house, I found the maternal uncle at the door of the house. He told me that Mrinalini is taking a bath, you sit, she will come and make tea.
The maternal uncle went away after speaking so much for Antarvasna Kahani.

I went inside and lay on the bed in the outside room. It was only 5 minutes before I saw Mrinalini in the inner room, which was wrapped only with a towel. My room’s light was off but the light in his room was on. What happened after that was beyond my imagination the Antarvasna Kahani.

Mrinalini suddenly removed the towel from her body. Seeing my sister completely naked, my eyes were torn because I had never seen a girl in such naked condition in my life.

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Its length is 5 feet 6 inches. Can’t tell his figure right but his tits are 32 ″ and he is very thin from stomach. And yes, her ass was looking very life which would be around 34 or 36.

She was unaware that someone was watching her without clothes. From there I showed that her pussy looked very beautiful. Seeing it, it was known that she had just come to clean her hair. My cock was getting uncontrollable after seeing her nipple, ass and pussy. She was probably looking for her bra and underwear like Antarvasna Kahani.

It was only 2 to 3 minutes that he suspected something like someone at home. He did not know about me. He hurriedly wrapped the towel and came to the room in which I lay.
As soon as he switched on the light, he surprised me and said – Brother, when did you come? And how did you come in?
I told her – when Mami ji was here, she had come.

He then asked another question – did you see anything?
Being unaware, I asked- do you mean anything?
She panicked – I was inside the room without clothes?
I said- Yes, I saw all that… but what do I do… because a nymph was in front of me in this state, I could not even remove my eyes even after wanting to the Antarvasna Kahani.

Hearing all this, she panicked and sat on the couch there. Seeing his face, it was known that his heartbeat was not under his control.
She sat quietly for a while.
Then I asked – what happened?
So my sister said – it should not have happened.
Then I said – it is not your fault. Then what is there to fear?

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Then do not know what came to his mind, he lifted both his legs and placed them on the front desk. She was right in front of me, due to which I could see her pussy clean-2.
I told her – what is she doing?
Never before had we had such a conversation. That’s why I was trying to recover the Antarvasna Kahani.

She said – you have seen everything, then what is the use of hiding it? Look around you for Antarvasna Kahani.

Seeing her blonde-2 and naked thigh, seeing my pussy together, my cock swung into action again. My anxiety was growing, my hand started caressing it automatically.
Seeing all this she said – what did you start doing?
I said – in front of which a nymph is sitting half naked, how can he handle his senses?
Then he said – this nymph can also be completely naked now because you have seen everything. But first I have to see what you are stroking with your hand Antarvasna Kahani.

What else did I need… I quickly took off my pants, then took off my underwear and put my cock in front of him. He looked at her and said surprised – is it so big?
I said- Yes, it is so big.
She said – can I touch it?

As soon as I said yes, she stood up from the couch, took out the towel and came to me and grabbed my tool with both her hands for Antarvasna Kahani.
My eyes closed in a trance.

Then I felt a strange fragrance in my nose which was the smell of my sister’s naked body. Mrinalini was rubbing my cock. I also put my hand on her waist, then slowly brought her down and turned her hand on her ass, it felt as if the butter was moving the Antarvasna Kahani.

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After that I started to move my tongue on her bare thigh.
She said, please do not be brother.
Where I was about to stop, moving forward, I put my tongue on her pussy like Antarvasna Kahani.

She could not tolerate this much and started sucking my cock with her mouth. Whereas he had never done so before. She was standing nearby and sucking my cock while I was lying down licking her pussy and enjoy Antarvasna Kahani.

For a long time, we both continued to have fun with each other in this condition. Then I thought that my atomizer was going to miss, so I told her but in which world she was not known.

Then lava erupted from my land. Something went in his mouth. Then as soon as he removed his mouth, his face became dirty with my semen then Antarvasna Kahani.

She grinned silently – Brother, what is this?
I told him – this is semen.
So bid – why didn’t you tell earlier?
I told him – but you did not listen.

She said – Okay, now you have to drink my water.
I said – no, till today I did not drink, let it be today, will see later for Antarvasna Kahani.

First she came to wash her face. When she was going out completely naked, my land started coming in fun again after seeing her ass.

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Now she came back and sat on top of my cock and put her tongue in my mouth. This was the first kiss of both of us. I started sucking her tongue.

After kissing for a while, I started to wiggle her pussy like Antarvasna Kahani.

After licking both the cucumbers with Bari-2, she got up and turned around and took my lund in the mouth again. Now her fair, thick ass and hairless pussy was just a little away from my mouth. So I also jumped and took her pussy in full mouth and Antarvasna Kahani.

If both remained in this condition for about 10 minutes, then I said – this time take the whole juice in the mouth. I will also take your juice in your mouth.
She refused at first and then agreed for Antarvasna Kahani.

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Soon I started getting jerks and something started flowing from her pussy too. Both drank each other’s water and separated the Antarvasna Kahani.
I told him- someone can come so do the rest of the work at night.
So she agreed and we both washed our faces and put on clothes.

During the day when she was cooking in the kitchen, I put my cock on her ass in the Antarvasna Kahani.
She said – Brother, don’t let me do whatever you wish at night, but let us work now.
I did a lip kiss and went to watch TV.

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He cooked food at night and both of them sat together and had food.

After that both of them lay on the same bed. Winters had started, so both took a blanket. But suddenly she got up and went to another room. When she came back from there, she was wearing a sexy red gown.
When my cousin sister lay down with me, I said – Today is our honeymoon.
So he hid Sharma’s face in his hands in Antarvasna Kahani.

When I removed her gown, she saw that she was wearing a black netted bra and panty, in which she looked very sexy and hot but Antarvasna Kahani.

After that he removed my clothes on his own. I did not wear underwear at the bottom, due to which I got completely naked as soon as the pants came out.

He took my cock directly in his mouth, his pink lips plastered me. I threw away her bra and panties and told her – come on top of me and made Antarvasna Kahani.
So we both came in 69.

A strange smell was coming from her pussy which was driving me even more crazy. After being in this condition for a long time, Mrinalini was asked to get up and asked her to sit on her land. She lay on my stomach. My land was swinging with fun touching her pussy. He put his lips on my lips and we both started sucking each other’s lips and tongue.

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After 4 to 5 minutes I picked her up and said- Come on down, I will inaugurate your little pussy today.
My sister lay down on the bed. Mrinalini was scared, speaking- Brother, I have heard that when the first time fucking happens, it hurts a lot.
So I comforted him – I will do it comfortably, you go and get some cream for Antarvasna Kahani.

After that Mrinalini applied a lot of cream on my land, I applied it on her pussy. Lying down, I came up and told Mrinalini, “You will feel pain, but please do not shout.”
Now I got up one of his legs and set my land on her pussy. When he hit the first push he did not go in and slipped to the side. After several attempts, finally the front part of Alore went inside but Mrinalini woke up painfully in Antarvasna Kahani.

I stayed because she is a very delicate girl. When I got some rest, a push and a hit, then my half-lund got ripped inside her pussy but could not stand the shock and started crying.
Then she said – Ummh… Ahhh… Yes… Oh… Brother, please take it out, it is very painful, do the rest tomorrow.

I stopped and started sucking her nipples in turn. In which his pain was reduced due to meditation. Now when I hit one last push, my whole land got covered in her little pussy. But she fainted like that. After which I got scared.

But soon she came to her senses and started pushing me to remove herself from me. Where I was going to believe, I would ever suck her lips, sometimes I would suck her small tits.
After about 5 minutes I felt that she is shaking her ass. I understood that Mrinalini is no longer in pain.

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When I started hitting 2 strikes slowly, she too started to hang out with me in fun. After fucking for a long time, when I felt that she was about to leave, then she removed it from her pussy and gave it to her mouth. Then I missed my water which he drank completely.
Now it was her turn, she also got up and sat on top of my mouth. I understood her feelings and inserted my tongue in her pussy, in which she too got stuck loosely.

That night we had 3 times in our honeymoon. Once, I wanted to give Mrinalini’s land in the ass, but she did not agree – Brother, I will bear the pain of pussy today, next time I will get you to inaugurate the ass.

After that we both slept.

The next day again, I played this same sex game, which I will tell in the next story.
[email protected]

How did you celebrate the honeymoon with my maternal uncle’s girl, I must wait for your comment and message on Telegram. Apart from this, you can also give your opinion by commenting on the story below. And you can join Telegram group to see new sex story and video.

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