Gay sax story | प्रवासी मजदूर से गांड मरवाई gay boy stories

मजदूर से गांड मरवाई Gay sax story

gay sax story – gay boy stories: सभी MasthindiStory के पाठकों को मेरी तरफ से यानि कि मोनू की तरफ से प्रणाम !

मैं MasthindiStory का एक सच्चा पाठक हूँ जो इसकी एक एक कहानी का तुत्फ़ उठाता हूँ। मैं कई बार अपनी एक मस्त चुदाई सबके सामने लाना चाहता था सो आज मैं अपनी पहली चुदाई का सीन सबको बताने जा रहा हूँ।

दोस्तो ! मैं एक ‘गे’ हूँ, मुझे मर्द अच्छे लगते हैं, खास कर जब कभी मैं अकेला किसी मर्द के साथ होता हूँ, मेरे में उतावलापन आ जाता है। लेकिन मुझे लड़कों से गांड मरवाना अच्छा नहीं लगता। मुझे शादीशुदा या फिर जो अपने स्टेट,

अपने शहर के ना हों, क्यूंकि वो लोग बात फैलाते नहीं हैं, बदनामी नहीं करते। वहीँ लड़का एक बार गांड मारता है अपने कई साथियों को बताता है।

चलो खैर, अपने मुददे पर आते हैं।

एक रात की बात है, मैं घर में अकेला था। रात को भी घर में अकेले ही रहना था, बोर हो रहा था, मैंने इन्टरनेट ओन किया और बैठ गया, चेटिंग करने लगा। गे-रूम में पहुँच वहाँ लोगों के साथ बातें करते हुए मैं गरम होने लगा। वेबकैम पर एक मर्द से चेटिंग करते हुए दोनों नंगे हो गए। वो गांड मारने वाला गे था और मैं गांड मरवाने वाला गे था। उसके खड़े लौड़े को देख कर मेरा दिल गांड मरवाने को करने लगा। आखिर चेटिंग करने में वो मजा थोड़े होता है जो असली में गाण्ड मरवाने में आता है।

gay sax story – gay boy stories

रात का समय था, किस को बुलाता ! उसी मर्द ने मुझे प्लान बताया कि तेरे पास कार है?

मैंने कहा- है !

बोला- तू घर से निकल किसी ऐसी कालोनी में जा, जहाँ कन्स्ट्रक्शन का काम चल रहा हो !

मैंने कहा- वहां क्या मिलेगा?

वो बोला- या स्टेशन वाले एरिया के आस पास कोई प्रवासी जो यहाँ काम करने आया हो या कोई रिक्शा वाला उसको पैसों का लालच दे कर बिठा ला और सुबह होने से पहले वहीं छोड़ आना !

मुझे सही लगा, मैंने अपनी कार निकाली, घर लॉक किया, निकल पड़ा मिशन ‘लौड़ा-ढूंढ’ पर !

पास में एक नई कालोनी में प्लाट काटे गए थे और अब वहां मकान बन रहे थे ,तभी मेरी नज़र एक आदमी पर पड़ी। कोई प्रवासी मजदूर था, लुंगी वगैरा डाल रखी थी। वो सिगरेट पी रहा था, उसके आस पास कोई नहीं था।

मैं चलता हुआ उसके पास पहुंचा। काफी ताक़तवर हट्टा-कट्टा मर्द था। मेरे बोलने से पहले बोला- तू इतनी रात को अकेला इस जगह क्यूँ आया है?

gay sax story – gay boy stories

कुछ नहीं, घर में अकेला था, आज दिल नहीं लग रहा था, घूमने निकल आया ! तुम कहाँ के हो?

मैं बिहार में एक गाँव का हूँ, यहाँ मजदूरी करता हूँ, अब ठेकेदारी का काम करने वाला हूँ। तू बहुत चिकना चुपड़ा है, सब जानता हूँ मैं तुम बड़े लोगों को, बहुत टाइम से हूँ यहाँ पर, तुम लोग इतनी रात को क्या करने निकलते हो, सब जानू, चल अन्दर आजा ! जगह है, आज अकेला ही हूँ मैं भी ,वरना कल से सभी गाँव से लौट आयेंगे !

उसने मेरा काम खुद कर दिया था, मुझे तेरा लौड़ा लेना है !

मालूम था मुझे !

लेकिन यहाँ नहीं, मेरे साथ घर चलो जितने पैसे कहोगे दूंगा !

उसने गेट लाक किया, बैठ गया कार में, बोला- पचास का नोट निकालना, ज़रा ठेके से पौवा ले लूँ !

उसने एक पौवा लिया, खोला, वहीं ग्लास में डाल कर खींच लिया और वापिस कार में बैठ गया। चलती कार में ही मैंने उसकी लुंगी में हाथ डाल दिया और उसके लौड़े को सहलाने लगा। छूने पर ही लग गया कि माल सॉलिड मिला है।

उसको भी सरूर सा होने लगा दारू का ! उसने खुद ही लौड़ा निकाल दिया, तन्न चुका था, देख कर खुश हुआ कि क्या लौड़ा मिला है।

मैंने दरवाजा खोला, उसको कार में बैठे रहने को बोल मैंने कार अन्दर ले जाकर पोर्च में लगा दी। गेट लॉक कर, लाइट बंद कर उसको उतार के कमरे में ल गया। उसको बिठा कर पानी पिलाया और कपड़े बदल कर वहीं आ गया।

gay sax story – gay boy stories

उसको नशा हो चुका था। मैंने सिर्फ अंडरवियर और पतली सी शर्ट डाली थी, उसके पास बैठ गया, वो अपना हाथ मेरी जांघ पे फेरते हुए बोला- तुमको लड़की होना चाहिए था, मस्त माल है तू !

मैंने भी उसको नीचे से नंगा कर दिया और उसके लौड़े को सहलाने लगा, झुकते हुए मुँह में ले लिया। वो सिसक उठा किसी ने उसका कभी चूसा नहीं था। वो मजे से चुसवा रहा था। उसने मुझे भी नंगा किया और रौंदने लगा। चूम चूम के मेरे निपल लाल कर डाले, बोला- साले लड़की को मात पावे तू !

हाय मैं हूँ ही लड़की !

मैं घोड़ी बन गया और उसने लौड़ा रख धक्का दिया फिसल गया।

तुम भी न ! कभी गांड नहीं मारी?

खुद पकड़ कर रखा, उसने धक्का मारा और आधा लौड़ा घुसा दिया। उसका मोटा लौड़ा डलवा मेरी भी चीख निकल गई। लेकिन उसने रहम न खाते हुए पूरा डाल दिया। मैं चिल्लाने लगा, उसने नहीं छोड़ा, नशे में था और फाड़ डाली, जोर जोर से रौंदने लगा। जैसे ही गांड ने उसके साइज़ को अपना लिया, मुझे बहुत मजा आने लगा और खुद मरवाने लगा।

मैंने कहा- नीचे लिटा कर चोद !

उसने टांगे चौड़ी करवा बीच में बैठ घुसा दिया और मेरा एक मम्मा पूरा मुँह में ले चूसने लगा और तेज़ धक्के मार फाड़ डाल करते हुए उसने अपना लावा अन्दर छोड़ दिया। मुझे बहुत मजा आया।

उसने वहां बार देख लिया, बोतल देख बोला- मुझे पिला !

gay sax story – gay boy stories

पीकर वो शराबी होने लगा और हवसी की तरह पूरी रात मेरी मारता रहा। क्या मजा आया, बता नहीं सकता।

अगली रात फिर अकेला था मैं !

सुबह जब चैट पे मैंने अपने नेट वाले दोस्त को सब बताया और उसका शुक्रिया किया।

उसने मुझे एक सीख दी कि कभी उसको दूसरी बार घर मत लाना, दिन में हरगिज़ नहीं ! उसको रास्ता न मालूम पड़े और आज कोई और ढूंढ लेना, लेकिन कंडोम रखा कर और इन प्रवासी मर्दों के लौड़े लेता रह !

अगली रात मैंने किस तरह एक रिक्शा वाले को फंसाया, अगले बार में बताऊंगा !

Follow me On Telegram Group

Hindi sex story group

Read in English

majdor se gaand marwai gay boy stories

gay boy storiesgay sax story: Greetings to all MasthindiStory readers from my side ie Monu!

I am a true reader of MasthindiStory, who captures every single story of it. Many times I wanted to bring one of my cool chudai in front of everyone, so today I am going to tell the scene of my first fuck to everyone.

Friends ! I am a ‘gay’, I like men, especially when I am alone with a man, I get excited. But I do not like boys getting asshole. Married me or someone who’s own state,

Do not belong to your city, because those people do not spread the word, do not slander. The boy, once, ass-tells many of his companions.

Well, let’s get to our point.

One night, I was alone at home. Had to stay alone in the house at night too, was getting bored, I went on the internet and sat down, started chatting. Reaching the Gay Room I started getting hot while talking with people there. The two went naked while chatting with a man on webcam. He was gay to ass and I was gay to ass. Seeing his standing alore, my heart started to kill ass. After all, there is a bit of fun in chatting, which actually comes in the way of killing Gand.

gay sax story – gay boy stories
It was night time, whom would I call? The same man told me the plan that you have a car?

I have said-

Said: You go out of your house to a colony where construction work is going on!

I said – what will be found there?

He said – or any migrant who has come here to work around the station area or a rickshaw lure him with money and leave it there before dawn!

I got it right, I took out my car, locked the house, set out on the mission ‘Aloda-find’!

Plots were cut in a new colony nearby and now houses were being built there, when I looked at a man. Somebody was a migrant laborer, had put lungi wagaira. He was smoking cigarettes, no one was around him.

I reached him walking. There was a lot of vigor. He said before I spoke – why have you come to this place alone for so many nights?

gay sax story – gay boy stories
Nothing, was alone at home, did not feel like today, came out to roam! Where are you from

I belong to a village in Bihar, I work as a laborer, now I am a contract worker. You are very smooth, I know all of you, big people, for a long time here, what do you guys go out to do at such a night, all you know, come on in! The place is there, I am alone today, or else tomorrow everyone will return from the village!

He had done my work himself, I have to take your Aloda!

I knew!

But not here, come home with me, I will say as much money!

He locked the gate, sat down in the car, said- take out fifty notes, take a pauva from the contract!

He took a pot, opened it, put it in the glass and pulled it back and sat in the car. I put my hand in her lungi in the moving car and started caressing her Alore. On touching it was found that the goods had been found solid.

He too started becoming like a liquor! He himself removed the Aloda, had tanned, and was happy to see if Aloda was found.

I opened the door, I told him to sit in the car and took it in the car and put it in the porch. Locking the gate, turning off the light, took him to the room. Seated him, gave him water and changed his clothes and came there.

gay sax story – gay boy stories
He had become intoxicated. I had just put on my underwear and a thin shirt, sat near him, he shook his hand on my thigh and said – you should have been a girl, you are good!

I also undressed her from under and started caressing her Alore, bending her mouth. He woke up and no one had ever sucked him. He was kissing with fun. He also naked me and started trampling. Kissed, made my nipples red, said – You have to beat the little girl!

Hi i am a girl

I became a mare and she kept pushing Aloda and slipped.

You also ! Never lost ass?

Holding himself, he pushed and rammed half the Aloda. I also screamed his fat Alva Dalwa. But he did not take pity on the whole. I shouted, he did not leave, was drunk and tore up, treading loudly. As soon as the ass was adopted by his size, I started having a lot of fun and getting myself killed.

I said- fucking down!

He got his legs wide and entered and sat in the middle and started sucking one of my mamma in her mouth and while tearing it, she left her lava inside. I enjoyed it very much.

He saw the bar there, said looking at the bottle – made me drink!

gay sax story – gay boy stories
After drinking, he started getting drunk and kept beating me all night like a lust. Can’t tell what was fun

I was alone the next night!

In the morning when on the chat I told my net friend and thanked her.

He gave me a lesson to never bring him home a second time, not at all during the day! He does not know the way and find someone else today, but keep the condom and keep returning to these migrant men!

The next night, how I trapped a rickshawman, I’ll tell you next time!

Read Sex Story –

सिनेमा-हाल में गाण्ड मरवाई – desi gay stories -hot gay stories

शादी में भाई की साली की सील तोड़ी | sali antarvasna – jija sali hindi story

1 thought on “Gay sax story | प्रवासी मजदूर से गांड मरवाई gay boy stories”

Leave a Comment