Antervasna Hindi Story 1 पड़ोसन आंटी को अंधरे में चोदा Free

पड़ोसन आंटी को अंधरे में चोदा Antervasna Hindi Story

Antervasna Hindi Story: मैं जिस मकान मैं रहता था उसी में एक आंटी भी रहती थी. उन आंटी ने कैसे मुझे सेक्स के लिए पटा कर मुझे अपनी वासना पूर्ति की. इस चुदाई कहानी में पढ़ कर मजा लें.

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम समर्थ पाटिल है। मैं लातूर, महाराष्ट्र का रहने वाला हूँ।

यह मेरी पहली कहानी है। जो 2012 में मेरे साथ घटी है। उस समय मैं 24 साल का था। अगर कोई कहानी लिखते समय भूल हो जाये उसके लिए मैं अभी आपसे क्षमा मांगता हूँ। अब ज्यादा समय न लेते हुए सीधा कहानी पे आता हूँ।

जैसे कि मैंने आपको बताया मेरा नाम समर्थ है। अच्छे खासे परिवार से हू। मेरा लिंग 5.5 इंच का है। मेरा गांव लातूर के नजदीक है। पर मैं अपनी शिक्षा के कारण लातूर में एक किराये का रूम करके रहता था। उस समय मैं B. एड की पढ़ाई करता था। मैं रूम में अकेले ही रहता था इसलिए कि मुझे अपनी प्रावेसी पसंद है।

मैं जिस मकान मैं रहता था उसी मकान में एक और परिवार किराये से रहता था। उसमें एक आंटी थी जिसका नाम मनीषा था। लगभग 35 या 36 साल की होगी। और अंकल एक विद्यापीठ में क्लर्क थे जो लातूर से दूसरे गांव में था।
उनके 2 लड़के थे जो स्कूल में पढ़ाई करते थे।

मनीषा आंटी काफी खुली स्वभाव की थी। उनसे पहचान करने में ज्यादा वक्त नहीं लगा। रोज हमारी बातचीत होती रहती थी। मगर मैंने अभी तक उनको उस नजरिये से नहीं देखा था। मेरे रूम के सामने ने ही उनका रूम था और बाथरूम कॉमन था।

मेरे एग्जाम नजदीक आ गए थे तो पढ़ाई के लिये छुट्टी थी इसलिए मैं रूम पे ही ज्यादातर रहता था। वो सुबह सबके जाने की बाद मेरे रूम के सामने कपड़े धोने के लिए आती थी, तब हमारी बातचीत होती रहती थी।

एक दिन उन्होंने मेरा मोबाइल मांगा, उनको कहीं कॉल करना था और उनके मोबाइल का बैलेंस खत्म हो गया था।
तो मैंने दे दिया।

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फिर मैं नहाकर आपना मोबाइल वापस लेकर खाना खाने मेस में चला गया।

तभी मुझे अननोन नम्बर से कॉल आया। मैंने उठाया तो उधर से कोई बात नहीं कर रहा था।
मैंने फ़ोन कट किया।

थोड़ी देर में उसी नम्बर से कॉल आया। मैंने उठाया तो एक सुंदर आवाज आई- पहचाना?
मैंने कहा- नहीं।
फिर वो कहने लगी- आप तो हमें भूल ही गये।

इधर मैं परेशान … मेरा तो किसी लड़की के साथ चक्कर नहीं है तो ये कौन है।
मैंने पूछा- आप कौन हो?
तो कॉल कट हो गया।
इधर मैं बेचैन हो गया कि कौन हो सकता है।

फिर दूसरे दिन सुबह मैं रोज की तरह उठ कर ब्रश करता हुआ आपने रूम के दरवाजे बैठ गया और मनीषा आंटी भी कपड़े धोने वहाँ आ गयी।

वे मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा दी। मैं भी जवाब में मुस्कुराया। फिर वो कपड़े धोने लगी। हमारी बातचीत चालू थी। लेकिन आज वो कुछ खुलकर ही बात कर रही थी। मैं उनकी तरफ देखे जा रहा था। उन्होंने रोज की तरह गाउन पहना था और वो आज ज्यादा गले के नीचे आ गया था तो मुझे उनके मम्मे दिख रहे थे और बार बार मेरी नजर वहीं जा रही थी। antervasna hindi story

वैसे भी मैंने अभी तक सेक्स नहीं किया था। तो मुझे ज्यादा ही अजीब लग रहा था। और मेरी नजर उनके मम्मे से हटने का नाम नहीं ले रही थी। ये बात उन्होंने भी ताड़ ली थी। मगर वो भी कुछ बोल नहीं रही थी।

ऐसे ही दो तीन दिन चलता रहा। अब उनके प्रति मेरे विचार बदल रहे थे। मैं उनकी तरफ कुछ ज्यादा ही आकर्षित हो रहा था। और कुछ न कुछ बहाना करके उनसे बात करता रहता था। शायद उनका भी यही हाल था।

एक दिन शाम को उनके यहाँ कुछ पैकिंग चल रही थी।
यह देख मैंने आंटी से पूछा- कहीं बाहर जा रहे हो क्या आप?
तो वो बोली- अंकल और बच्चे 5 दिन के लिए गांव जा रहे हैं। और मैं अकेली ही घर में रहूँगी।
अब मैं ऐसे ही मौके की तलाश में था।

रात वो निकल गए। मैं भी खाना खाने जा रहा था. तभी आंटी ने कहा- कहीं जा रहे हो?
तो मैंने कहा- खाना खाने जा रहा हूँ।
फिर वो बोली- मैं खाना पका रही हूँ, तो मेरे साथ ही खा लेना।
तो मैंने हाँ कह दिया।

मैं वहीं उनसे बात करते आपने दरवाजे बैठ गया और वो सामने खड़ी थी। मैंने उनसे कहा- आप भी बैठ जाओ।
तो वो मेरे बगल में आके बैठ गयी।

दरवाजा छोटा था तो वो मुझसे कुछ ज्यादा ही चिपक के बैठी थी। अब मुझे अजीब सा लग रहा था और सर्दी के मौसम में भी पसीना आ रहा था।
उन्होंने मुझे ऐसी हालत में देख पूछा- इतनी ठंड में तुझे पसीना क्यों आ रहा है?
तो मैंने ‘ऐसे ही’ कह के बात को टाल दिया।

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फिर वो खाना बनाने चली गयी। मैं भी उनके पीछे उनके रसोई चला गया। सब्जी पकाने के बाद वो नीचे बैठ के रोटी बना रही थी। उस वक्त उन्होंने साड़ी और ब्लाउज़ पहना था और साड़ी थोड़ा सा सीने से हट गयी थी। मैं उनके सीने को ही देख रहा था।
यह बात उन्हें भी पता थी लेकिन वो अपने काम में लगी रही।

थोड़ी देर में हमने साथ में ही खाना खाया और थोड़ी बातें की. उसके बाद मैं सोने के लिए अपने रूम में वापस आ गया।

रात के ग्यारह बज गए थे। किसी ने मेरे रूम का दरवाजा खटखटाया। मैंने दरवाजा खोला तो सामने मनीषा आंटी थी।
उन्होंने कहा- मुझे नींद नहीं आ रही है।
वैसे मुझे भी नींद ना आ रही थी, मैं भी उनके ख्यालों में ही खोया हुआ था।

मैंने उनसे पूछा- मैं क्या कर सकता हूं?
तो वो कहने लगी कि उनके यहां चलो वहीं बैठ के बात करते हैं।
फिर हम उनके बेडरूम में गए।

उनके बेड वो लेट गई और मैं उनके बाजू मैं बैठ के बात करने लगा। बातों बातों में मैंने उनको वो मेरे साथ घटी फोन वाली घटना सुनाई जिसमें मुझे किसी लडकी ने काल किया था।
इस पर वो आपने मन ही मन मुस्कुरा रही थी।
इससे मुझे दाल में कुछ काला है ऐसा लगने लगा।

थोड़ी देर बात करने के बात मैंने आपने फोन से वहीं नंबर डायल किया।
फिर क्या … उनकी पोल ही खुल गई।

इस पर उनको पूछने से उन्होंने ‘ऐसे ही मस्ती के लिए किया था’ ऐसा जवाब दिया।
तो मैंने भी मस्ती में उनसे कहा- मैं भी उस कॉल की वजह से जाने क्या क्या ख्वाब देख रहा था।
तो वो पूछने लगी- क्या ख्वाब देखे थे?

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ऐसे ही हमारी बातें चल रही थी।

अब तक जो मैं उनके बिस्तर पे जो उनके बाजू में बैठा था तो थोड़ा थोड़ा करके उनके बाजू में लेट ही गया था। दोनों में बस थोड़ा सा ही अंतर था। हंसी मजाक में वो मुझे छेड़ रही थी और मैं भी उनको छेड़ रहा था।

ऐसे ही लेटे लेटे हमारे पांव एक दूसरे से टकरा रहे थे। उनके बाजू में लेटने की वजह से मेरे अंदर कुछ कुछ हो रहा था और इसका परिणाम मेरे नाइट पैंट में हो रहा था।
इसी बीच लाइट चली गई।

आग तो दोनों की दिल और शरीर में लगी थी पर पहले पहल कौन करेगा इसी सोच में दोनों थे हम।

इसी दौरान मनीषा आंटी ‘मोमबत्ती जला कर आती हूं’ ऐसा कहकर उठने लगी और उठते उठते जिस हाथ पर भार देकर वो उठ रही थी वो फिसल गया और वो मेरे ऊपर गिर गई।
उनके गिरते ही उनके मम्मे मेरे छाती पर और उनका होंठ मेरे गाल पर थे।

तो मैंने भी उनको सहारा देने बहाने से उनके कमर में हाथ डाल दिया और उन्हें उठाने लग गया। इसी बीच मैं अपना लौड़ा उनके शरीर पर घिसने लगा था।
वो कह रही थी- नीचे क्या चुभ रहा है?
मैंने कुछ नहीं कहा।
फिर भी उन्हें समझने में देर नहीं लगी थी।

आंटी कुछ नहीं बोली और मोमबत्ती लाने चली गई। कुछ देर में ‘मोमबत्ती नहीं मिली’ बोलकर वापस आ गई और बेड पर लेटने के लिए मेरे ऊपर से उस तरफ जाने लगी।
इसी बीच में मैंने उनके पैर में मेरे पैर फंसा दिए थे। इसकी वजह से वह फिर से फिसलकर मेरे ऊपर ही लेट गई।

आंटी लेट गई तो ऐसे लेटी कि उनकी चूत मेरे लौड़े पर आ गई। मेरा लौड़ा तो ऐसे ही खड़ा था और उनकी चूत का स्पर्श पाकर और उछलने लग गया।

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वो भी वैसे ही मेरे ऊपर पड़ी रही और अपनी चूत मेरे लौड़े के ऊपर घिस रही थी। इसी दौरान हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही थी। ऐसे में अब हम दोनों भी गर्म हो गए थे।

उसके बाद मैंने अपना मुँह उनके मुंह में डाला और वो भी मेरा साथ देने लगी। कोई कुछ नहीं बोल रहा था बस हम अपना अपना काम करने में जुट गए।

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बहुत देर चूमने के बाद हम दोनों एक दूसरे का वस्त्रहरण करने लगे। दोनों पूरे नंगे होने के बाद मैंने उनके मम्मे चूसना चालू किया और वो मेरे लन्ड के साथ खेलने लगी।

फिर ऐसे ही हम 69 की आसन में आ गए। उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। शायद आज ही शेव किया था। ऐसे ही मैं नीचे से उनकी चूत मेरे जीभ से चोद रहा था और मेरा लन्ड उनके मुंह को चोद रहा था।

इसी दौरान हमने अपना अपना माल एक दूसरे की मुंह में निकाल दिया।

यह मेरा पहला अनुभव था तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। ऐसे ही थोड़ी देर हम एक दूसरे के ऊपर पड़े रहे। फिर उसके बाद मैं फिर से उसके मम्मे से खेलने लग गया। उसने भी मेरा लन्ड सहलाना शुरू किया।

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अब आंटी ने मेरे लन्ड को दोबारा चूसना चालू किया। मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था।

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कसम से बहुत मज़ा आ रहा था। क्या गर्म चूत थी उसकी!
मैंने दोबारा चाटना चालू किया उसकी चूत को।

हम दोनों फिर से गर्म हो गए थे। वो मेरे लन्ड को लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी। वाह क्या फीलिंग थी वो!

अब मैं सह नहीं पा रहा था। मुझे अब उसकी चूत म लंड घुसाना था। अब मैं उसके ऊपर आ गया, उसकी दोनों टांगें ऊपर की और की और मैं धीरे धीरे उसकी चूत पे अपना लंड घिसने लगा।
वो कराहने लगी। वो भी अपनी गांड़ उठाकर मेरे लन्ड को अपनी चूत में लेना चाह रही थी।

फिर क्या … मैंने अपने लंड को उसकी चूत पे रखा और एक हल्का सा झटका मारा। पहली बार तो मेरा लंड फिसल गया। फिर से मैंने प्रयास किया, फिर से फिसला। अबकी बार उसने खुद मेरे लन्ड को पकड़ के आपने चूत के छेद पे रखा और मैंने झटका मारा।

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इस बार मेरा लंड थोड़ा उसकी चूत में घुस गया। मैंने एक और झटका मारा तो पूरा लन्ड उसकी चूत में समा गया। धीरे धीरे मैं अपनी कमर हिलाते हुए लंड को चूत अंदर बाहर करने लगा।

क्या माहौल था वो!
वो भी कमर उठाके मेरा साथ देने लगी। अब पूरी तरह हम एक दूसरे में समा गए थे।

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थोड़ी देर ऐसा ही करने के बाद हमने आसन बदला, अब वो मेरे ऊपर आ गई। अब उसने मेरे लन्ड को अपनी चूत की छेद पे रखा और थोड़ा दबाव डालकर लंड पर बैठ गई। अब वो मुझे चोदने लगी। थोड़ी देर ऐसा खेल खेलते रहे और उसने अपनी रफ़्तार बढ़ा ली।

अब मुझे लगने लगा कि मैं झड़ने वाला हूं। मैं भी नीचे से अपनी कमर हिलाकर उसने चोदने लगा। ऐसे में हम दोनों एक साथ झड़ गए।

आंटी की चूत में से हम दोनों का पानी बाहर आ रहा था।

अब दोनों भी बहुत थक गए थे। उसने नैपकिन लेकर मेरा लंड और अपनी चूत दोनों को साफ किया। फिर दोनों ने बाथरूम जाकर फ्रेश होकर ऐसे ही नंगे एक दूसरे के साथ सो गए।

सुबह साढ़े पांच बजे मेरी नींद खुली। नंगी आंटी को देख फिर से मेरा मन फिर से आंटी की चुदाई के लिए नाचने लग गया। मैंने उसके होटों को चूसना चालू किया। वो भी जाग गई।

उसने मुस्कराते हुए कहा- मन नहीं भरा क्या?
मैंने कहा- पहली बार जन्नत नसीब हुई है कैसे मन भरेगा?

फिर एक राउंड मैंने आंटी को चोदा। इस बार घोड़ी बनाकर आंटी को चोदा और उसके मुंह में झड़ गया।

मैंने उसके पति आने तक पांच दिन रात आंटी से सेक्स किया। वो भी बहुत खुश थी। क्योंकि एक एक्सिडेंट में उसके पति के लंड पे गहरी चोट लगी थी तो उसका अब लंड नहीं उठता था।
यह बात उसने मुझे बाद में बताई।

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अब जब भी मौका मिलता हम चुदाई के सागर डूब जाते हैं। मैंने आंटी की गांड भी मारी है। अब मैं पुणे शिफ्ट हो गया हूं और हमारा संपर्क अभी चालू है। जब भी मैं लातूर जाता हूं उससे जरूर मिलता हूं।

तो दोस्तो, आंटी से सेक्स की कहानी कैसी लगी? अपनी राय मुझे जरूर बताना।
अगर कहानी लिखते समय कुछ गड़बड़ हुई है तो मैं फिर से माफी चाहता हूं।
मेरा मेल आईडी [email protected] है।

आपको मेरी यह सच्ची सेक्स घटना कैसी लगी मुझे Telegram पर ज़रूर बताये में आपके comment और message का इंतज़ार करूगा. इसके अलावा आप कहानी पर नीचे कमेंट करके भी अपनी राय दे सकते हैं. और नई सेक्स स्टोरी और video को देखने के लिये हमारा Telegram ग्रुप को join कर सकते है.

पड़ोसन आंटी को अंधरे में चोदा Antervasna Hindi Story

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Padosn Aunty ko Andhre me choda – Antervasna Hindi Story

antervasna Hindi Story: An aunt used to live in the house where I lived. How did those aunts satisfy my lust by tricking me for sex. Enjoy reading this chudai story.

Hello friends, My name is Samarth Patil. I am from Latur, Maharashtra.

This is my first story. Which happened to me in 2012. At that time I was 24 years old. If you make a mistake while writing a story, I apologize to you right now. Now, without taking much time, I come directly to the antervasna Hindi Story.

Like I told you my name is Samarth. I am from a well-to-do family. My penis is 5.5 inches. My village is close to Latur. But because of my education, I used to live in a rented room in Latur. At that time, I was studying B. Ed. I used to live alone in the room because I like my policy in antervasna Hindi Story

Another family lived in the same house where I lived. There was an aunt named Manisha in it. Will be around 35 or 36 years old. And Uncle was a clerk in a school that was in another village from Latur like antervasna Hindi Story
They had 2 boys who attended school.

Manisha aunt was very open-minded. It did not take long to identify with him. We used to talk every day. But I had not yet seen him from that perspective. The front of my room was his room and the bathroom was common on antervasna Hindi Story

When my exams came close, I had leave for studies, so I stayed mostly in the room. She used to come in front of my room in the morning to wash clothes, then we used to talk for antervasna Hindi Story

One day they asked for my mobile, they had to call somewhere and their mobile balance was over.
So I gave it away on antervasna Hindi Story

antervasna hindi story Then I took a bath and took my mobile back and went to eat mess.

That’s when I got a call from the unknown number. When I picked up, there was no talking from there like antervasna Hindi Story
I disconnected the phone.

A call came from the same number in a while. I picked up a beautiful voice – I recognize?
I said no but antervasna Hindi Story
Then she started saying – you have forgotten us.

Here I am troubled… If I do not have an affair with a girl then who is this?
I asked – who are you?
So the call was cut.
Here I became restless as to who could be antervasna Hindi Story.

Then the next day in the morning I got up as usual and brushing you sat in the door of the room and Manisha aunt came there to wash clothes on antervasna Hindi Story

She smiled looking at me. I also smiled in response. Then she started washing clothes. Our conversation was on. But today she was talking openly in antervasna Hindi Story. I was looking at them. He wore a gown as usual and he had come down more throats today, so I could see his mamme and my eyes were going there again and again. antervasna hindi story
I hadn’t had sex yet anyway. So I felt very strange. And my eyes were not taking the name of moving away from his mother. He also took this point. But she too was not saying anything like antervasna Hindi Story.

This went on for two to three days. Now my thoughts towards him were changing. I was getting very much attracted towards them. And used to keep talking to them with some excuse. Perhaps they had the same condition in antervasna Hindi Story.

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One day in the evening, some packing was going on with them on antervasna Hindi Story.
Seeing this, I asked the aunt – are you going out somewhere?
So he said – Uncle and children are going to the village for 5 days. And I will be alone in the house.
Now I was looking for such an opportunity for antervasna Hindi Story.

They left at night. I was also going to have food. Then the aunt said – are you going somewhere?
So I said – I am going to have food but antervasna Hindi Story.
Then she said – I am cooking, so eat with me.
So I said yes.

I sat there talking to them, and she was standing in front. I told him- you too sit down.
So she sat next to me on antervasna Hindi Story.

When the door was small, she was sitting very much clinging to me. Now I felt strange and was sweating even in winter in the antervasna Hindi Story.
Seeing me in such a condition, he asked – why do you sweat in such a cold?
So I deferred the matter by saying ‘as is’.

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Then she went to cook. I also followed them to their kitchen. After cooking the vegetable, she was sitting down and making bread. At that time, she wore a sari and a blouse and the sari was slightly removed from the chest. I was looking at his chest like antervasna Hindi Story.
She also knew this thing but she continued in her work.

In a short while we ate together and talked a little. After that I return to my room to sleep then antervasna Hindi Story.

Antervasna Hindi Story: An aunt used to live in the house where I lived. How did those aunts satisfy my lust by tricking me for sex. Enjoy reading this chudai story.

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This is my first story. Which happened to me in 2012. At that time I was 24 years old. If you make a mistake while writing a story, I apologize to you right now. Now, without taking much time, I come directly to the antervasna Hindi Story.

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Another family lived in the same house where I lived. There was an aunt named Manisha in it. Will be around 35 or 36 years old. And Uncle was a clerk in a school that was in another village from Latur.
They had 2 boys who attended school.

Manisha aunt was very open-minded. It did not take long to identify with him. We used to talk every day. But I had not yet seen him from that perspective. The front of my room was his room and the bathroom was common on the antervasna Hindi Story.

When my exams came close, I had leave for studies, so I stayed mostly in the room. She used to come in front of my room in the morning to wash clothes, then we used to talk then antervasna Hindi Story.

One day they asked for my mobile, they had to call somewhere and their mobile balance was over.
So I gave it away.

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Then I took a bath and took my mobile back and went to eat mess.

That’s when I got a call from the unknown number. When I picked up, there was no talking from there.
I disconnected the phone.

A call came from the same number in a while. I picked up a beautiful voice – I recognize?
I said no.
Then she started saying – you have forgotten us.

Here I am troubled… If I do not have an affair with a girl then who is this?
I asked – who are you?
So the call was cut.
Here I became restless as to who could be.

Then the next day in the morning I got up as usual and brushing you sat in the door of the room and Manisha aunt came there to wash clothes.

She smiled looking at me. I also smiled in response. Then she started washing clothes. Our conversation was on. But today she was talking openly. I was looking at them. He wore a gown as usual and he had come down more throats today, so I could see his mamme and my eyes were going there again and again. antervasna hindi story
I hadn’t had sex yet anyway. So I felt very strange. And my eyes were not taking the name of moving away from his mother. He also took this point. But she too was not saying anything.

This went on for two to three days. Now my thoughts towards him were changing. I was getting very much attracted towards them. And used to keep talking to them with some excuse. Perhaps they had the same condition.

One day in the evening, some packing was going on with them.
Seeing this, I asked the aunt – are you going out somewhere?
So he said – Uncle and children are going to the village for 5 days. And I will be alone in the house.
Now I was looking for such an opportunity.

They left at night. I was also going to have food. Then the aunt said – are you going somewhere?
So I said – I am going to have food.
Then she said – I am cooking, so eat with me.
So I said yes.

I sat there talking to them, and she was standing in front. I told him- you too sit down.
So she sat next to me.

When the door was small, she was sitting very much clinging to me. Now I felt strange and was sweating even in winter.
Seeing me in such a condition, he asked – why do you sweat in such a cold?
So I deferred the matter by saying ‘as is’.

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Then she went to cook. I also followed them to their kitchen. After cooking the vegetable, she was sitting down and making bread. At that time, she wore a sari and a blouse and the sari was slightly removed from the chest. I was looking at his chest.
She also knew this thing but she continued in her work.

In a short while we ate together and talked a little. After that I return to my room to sleep….

It was eleven in the night. Someone knocked on the door of my room. When I opened the door, there was Manisha aunt in front.
He said- I am not able to sleep.
By the way, I too could not sleep, I was also lost in his thoughts.

I asked him – what can I do?
So she started saying that let’s sit here and talk to them.
Then we went to their bedroom.

He lay down on his bed and I sat talking on his arm. In conversation, I heard him say a phone call incident with me in which a girl had called me.
She was smiling at you.
This made me feel like there is some black in the lentils.

Talking for a while, I dialed the same number from your phone.
Then what… His pole opened.

Asking him on this, he gave such an answer ‘just for fun’.
So I also said to him in fun – I was also seeing what the dream was because of that call.
So she started asking – did you see the dream?

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Our talk was going on like this.

Till now the one who was sitting on his bed on his side, I had to lie down on his arm little by little. There was only a slight difference between the two. She was teasing me with laughter and I was also teasing her.

Like this, our legs were hitting each other. Because of lying on his arm, something was happening inside me and it was resulting in my night pants.
Meanwhile, the light went off.

The fire was in both of our hearts and bodies, but who were the first to initiate this thinking?

At the same time, Manisha aunt started getting up by saying ‘I burn the candle’ and while getting up, the hand on which she was lifting she slipped and she fell on me.
As soon as he fell, his mother was on my chest and his lips were on my cheek.

So I too, with the excuse of supporting him, put his hand in his waist and started lifting him. Meanwhile, I was rubbing my Aloda on his body.
She was saying – what is stinging underneath?
I did not say anything.
Still it was not late for him to understand.

Aunt did not say anything and went to fetch the candle. After some time ‘Candle not found’ came back saying and started going towards me to lay on the bed.
In the meantime, I stuck my feet in his feet. Because of this, she slipped again and lay down on me.

When the aunt lay down, her pussy was lying on my back. My Aloda was standing like this and after touching her pussy, she started bouncing.

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She was also lying on top of me and her pussy was rubbing on my alore. During this time we were not having any conversation. In such a situation, now both of us were also warm.

After that I put my mouth in his mouth and he also started supporting me. Nobody was saying anything, just we started doing our own work.

After kissing for a long time, we both started undressing each other. After both were completely naked, I started sucking her mamma and she started playing with my land.

Then in the same way, we came into the seat of 69. There was not a single hair on his pussy. Probably shaved today only. Like this, I was fucking her pussy with my tongue from below and my lund was fucking her mouth.

During this time, we removed our own goods into each other’s mouth….

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