Follow my blog with BloglovinBhai Behan Sex Stories 1 चचेरी बहन ने मुझे चोदना सिखाया fun

Bhai Behan Sex Stories 1 चचेरी बहन ने मुझे चोदना सिखाया fun

चचेरी बहन ने मुझे चोदना सिखाया Bhai Behan Sex Stories

Bhai Behan Sex Stories: चचेरी बहन को मैंने उसके यार से चुदाई करते रंगे हाथ पकड़ लिया. दीदी नंगी ही मेरे सामने फंस गयी. मैंने कैसे चचेरी दीदी को चोदा. मुझे मेरी बहन ने मुझे चोदना सिखाया.

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम अनुज है और मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं. मेरी उम्र 28 साल है. लम्बाई 6 फीट है और देखने में ठीक हूं. आज मैं आपको मेरे जीवन में चुदाई की शुरूआत की कहानी बताऊंगा.

हमारा एक संयुक्त परिवार था. पिताजी दो भाई हैं और चाचा भी साथ में रहते थे. चाचा के पास एक लड़का और एक लड़की है. लड़की बड़ी है और लड़का छोटा। जबकि मेरे परिवार में मां पापा के अलावा हम दो भाई हैं.

जिस समय की ये घटना है उस वक्त मेरे चाचा का लड़का अपने ननिहाल में रह कर पढ़ाई कर रहा था. चाचा की लड़की का नाम सरिता है और उस वक्त वो अपनी ग्रेजुशन के दूसरे वर्ष में थी और मैं पहले साल में था.

एक दिन शाम की बात है. अंधेरा हो गया था. मैं छत के किनारे पानी की टंकी के पास सिगरेट पी रहा था. तभी मुझे किसी के सीढ़ियां चढ़ने की आवाज आई. मैं तुरन्त टंकी के पीछे छिप गया।

छत पर सरिता दीदी आयी थी. अंधेरा होने के कारण वो मुझे देख नहीं पायी. वो फ़ोन पर किसी से बात कर रही थी. वो टंकी के पास आकर बातें करने लगी. बातों ही बातों में वो फ़ोन पर किसी को किस दे रही थी.

उसके बाद थोड़ी देर तक वो चुप रही फिर बोली- जान, मैं भी तुमसे मिलना चाहती हूँ. मगर तुम जानते हो कि दिन में ये संभव नहीं है. किसी रोज रात को समय निकाल कर मैं खुद तुमसे मिलूंगी।

फिर सामने वाले शख्स ने दीदी से क्या कहा ये तो मुझे पता नहीं. लेकिन दीदी ने जवाब दिया- ठीक है फिर, आज रात को मैं वहीं पर मिलूंगी.
इसके बाद थोड़ी देर तक दीदी वहीं खड़ी होकर बातें करती रही.
फिर वो नीचे चली गयी।

कुछ देर बाद मैं भी नीचे आ गया. दीदी बरामदे में खड़ी होकर पड़ोस की एक लड़की से बात कर रही थी।

दीदी बहुत ही खूबसूरत लड़की थी. गोरा रंग, लगभग पांच फीट लम्बाई, पतली कमर और बड़ी बड़ी चूचियां. उस पर भी कयामत थी उसकी उभरी हुई गांड. मासूम सा चेहरा और आंखें तो कातिलाना थीं. कुल मिलाकर दीदी पटाखा था. उसको देखने के बाद कोई भी उसे चोदने के लिए मचल उठे.

मैं दीदी को देखते हुए सोच रहा था कि दीदी को देखकर कहीं से भी नहीं लगता कि दीदी भी शादी से पहले चुदती होंगी। तब से मेरा मन इसी असमंजस में था कि अगर मैंने दीदी को किसी के साथ पकड़ लिया तो क्या करूँगा? मैं किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पा रहा था।

खैर खाना खाने के बाद सभी लोग अपने अपने कमरे में सोने चले गए।
कमरे में आने के बाद मैंने हल्का सा दरवाजा खोल दिया और वहीं खड़ा होकर दीदी के कमरे के दरवाजे की तरफ देखने लगा. लगभग दस बजे दीदी के कमरे का दरवाजा धीरे से खुला. फिर दीदी ने बाहर आकर दरवाजे को धीरे से चिपका दिया।

उसके बाद वो घर के पिछवाड़े की तरफ की गली में जाने लगी. मैं भी दीदी के पीछे पीछे दूरी बना कर जाने लगा। मेरे घर के पीछे, चार घर बाद एक कच्चा मकान था जो गिर गया था. अब वहां कोई नहीं रहता था.

दीदी उसी घर के सामने पहुँची तो पंकज वहां पर पहले से उसका इंतजार कर रहा था. दीदी के पहुंचते ही उसने उसका हाथ पकड़ा और वो सरिता दीदी को घर के अंदर वाले कमरे में लेकर चला गया.

उनके अंदर जाने के बाद मैं भी दबे पांव धीरे धीरे उस घर के अंदर दाखिल हो गया. पंकज दीदी को बीच वाले कमरे में लेकर गया जो ऊपर से गिर चुका था मगर उसकी दीवारें अभी भी खड़ी हुई थीं. केवल छत वाला हिस्सा ढह गया था.

मैं भी उस कमरे के बाहर खड़ा होकर अंदर देखने की कोशिश करने लगा. अंधेरा होने के कारण कुछ साफ नहीं दिख रहा था मगर उनकी आवाज मुझे आ रही थी. मैं नजदीक में था तो उनकी खुसर फुसर और अन्य आवाजें मेरे कानों तक पहुंच रही थी.

दीदी के मुंह से निकला- आह्ह … आराम से … धीरे से दबाओ यार … इतनी जोर से नहीं। दर्द हो रहा है.
पंकज कुछ नहीं बोल रहा था. मगर दीदी लगातार सिसकार रही थी- आह्ह.. आह्ह.. अम्म… आराम से!

थोड़ी देर बाद दीदी की आवाज फिर सुनाई दी.
वो कह रही थी- पंकज समीज मत उतारो. मैं सलवार निकाल दे रही हूँ.
इस पर पंकज ने कहा- मेरी जान… तुझे नंगी करके चोदने में बहुत मज़ा आता है।

इसके बाद पंकज ने सरिता दीदी को पूरी तरह नंगी कर दिया और अपने भी सारे कपड़े उतार दिये.
उसके बाद वो दीदी से बोला- मेरी जान… जब मैं और तुम दोनों नंगे होकर चुदाई करते हैं तो अलग ही मज़ा आता है।

पंकज ने सरिता दीदी को वहीं जमीन पर गमछे पर लिटा दिया और दीदी के ऊपर आकर उन्हें चोदने लगा। चुदाई की आवाजें और उन दोनों की कामुक सिसकारियां सुन कर अब मैं खुद को रोक नहीं पा रहा था.

मैंने धीरे से आवाज लगाई- दीदी!
ये सुनते ही दोनों हड़बड़ा कर उठ गये. पंकज ने आव देखा न ताव उसने अपनी पैंट को ऊपर किया और शर्ट को हाथ में लेकर सरपट भागा और दूसरी ओर से निकल गया.

सरिता अभी भी संभल नहीं पाई थी कि मैं कमरे में अंदर घुस गया और दीदी को रंगे हाथ पकड़ लिया और बोला- दीदी तुम ये सब भी करती हो? चलो आज चाचा को तुम्हारी ये करतूत भी बताऊंगा. मैं तो तुम्हें बहुत शरीफ समझ रहा था.

दीदी मेरे पैरों में गिर गयी. वो रोने और गिड़गिड़ाने लगी- नहीं अनुज, तुम ऐसा नहीं करोगे. तुमने पापा को ये बताया तो वो मेरी जान ले लेंगे. प्लीज… किसी को कुछ मत कहना. तुम जो कहोगे मैं वो करने के लिए तैयार हूं लेकिन ये बात किसी को पता नहीं लगनी चाहिए, प्लीज।

मैंने जेब में से लाइटर निकल कर जलाया तो मेरी नजर सरिता दीदी पर पड़ी. रात के अंधरे में ऐसा नजारा देख कर मैं तो अवाक् रह गया. दीदी बिल्कुल नंगी थी. लाइटर की रोशनी में दीदी का नंगा गोरा बदन अंधेरी रात में सफेद चांदनी के जैसा चमक रहा था.

दीदी की गोरी गोरी मोटी चूचियों पर मेरी नजर जैसे अटक गयी. इतनी सेक्सी चूची देख कर मेरा तो लंड टनटना गया. जिन्दगी में पहली बार मैं किसी लड़की को अपने सामने इस तरह से नंगी देख रहा था.

जब दीदी ने देखा कि मैं उसकी नंगी चूचियों को घूर रहा हूं तो वो बोली- अनुज… मेरे भाई. अगर तुम मुझे चोदना चाहते हो तुम बेशक मुझे चोद भी लो. मगर ये पंकज वाली बात किसी को मत बताना प्लीज।

मैं बोला- पहले तो आप अपने कपड़े पहन लो. यहां से बाहर निकलो और घर चलो. उसके बाद मैं कुछ बताऊंगा कि मुझे क्या करना है और क्या नहीं.

दीदी ने अपने कपड़े पहने और हम वहां से निकल गये.

घर के पास आने पर मैंने दीदी से कहा- यहीं रुको. मैं देखकर आता हूँ कि कोई जागा हुआ तो नहीं हैं घर में?

सरिता दीदी को वहीं रोक कर मैं आगे बढ़ गया और देखने चला गया. वापस आकर मैंने बताया कि कोई नहीं जाग रहा है. हम अंदर जा सकते हैं.

उसके बाद हम दोनों अंदर चले गये. घर पहुंच कर मैंने दीदी को उसके रूम में जाने के लिए कहा. दीदी अपने रूम में चली गयी और मैं भी उसके पीछे पीछे चला गया.

अंदर जाकर दीदी ने दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया.
फिर मुड़ कर बोली- अनुज, तुझे मेरी कसम है कि तू ये बात किसी से नहीं कहेगा. मैं मर जाऊंगी अगर तूने ये किसी को बताया तो.
ये कह कर दीदी रोने लगी.

मैंने कहा- तुम रोओ मत, मैं किसी को नहीं बताऊंगा.
वो बोली- नहीं, तुम बता दोगे.
मैंने कहा- अरे नहीं बताऊंगा, विश्वास करो मेरा.

वो बोली- नहीं तुम बताओगे. मैं जानती हूं. ऐसा करो तुम एक बार मेरे साथ सेक्स कर लो. तब मुझे तुम्हारा यकीन हो जायेगा.
ये बोल कर दीदी ने मेरे बायें हाथ को पकड़ कर अपनी दायीं चूची पर रखवा दिया.

मैं चाह कर भी दीदी की चूची से अपना हाथ हटा नहीं पा रहा था. मुझे मजा सा आया.

मेरा कोई प्रतिरोध नहीं देख दीदी मेरे हाथ के ऊपर अपना हाथ रख कर अपने हाथ को दबाने लगी. जिससे मेरा हाथ भी दीदी की चूची को दबाने लगा और मुझे मजा आने लगा. दीदी की चूची बहुत ही नर्म नर्म थी जैसे बड़ी बॉल में रूई ठसाठस भरी हो.

अपनी चूची दबवाते हुए दीदी बोली- चाहो तो तुम भी मुझे चोद लो. पर किसी को कुछ बताना मत।
दीदी लगातार अपनी चूची दबवाए जा रही थी.

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उसकी आंखों से आंसू गिर रहे थे और वो कह रही थी- अनुज, प्लीज मेरी चूत मार लो. लेकिन पंकज वाली बात किसी को मत कहना.

इससे पहले मैं दीदी से कुछ कहता … दीदी ने अपना बायां हाथ मेरे लोवर में डाल कर मेरे लन्ड को पकड़ लिया. मेरे बदन में बिजली सी दौड़ गयी. अब मेरे काबू के बाहर हो गया था खुद को रोकना.

मैं दीदी को पीछे की तरफ धकेल कर उनके रूम से बाहर आ गया. मैं सीधा अपने रूम की ओर गया और अंदर जाकर दरवाजा बंद करने लगा.
तो दीदी अपने रूम के दरवाजे पर आकर मुझे रुआंसी नजरों से देख रही थी.

फिर भी मैंने अपने रूम का दरवाजा बंद कर लिया और बेड पर आकर लेट गया. मैं सोने की कोशिश कर रहा था मगर मन में भावनाओं का बवंडर उठा हुआ था. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या सही है और क्या गलत?

एक तरफ दीदी को अंधेरी रात में नंगी देखना और फिर दीदी का मेरे हाथ से खुद अपनी चूची दबवाना. वहीं दूसरी तरफ दीदी का पंकज से चुदना और हम दोनों के बीच में ये भाई-बहन का रिश्ता। दिमाग की दही हो रही थी. नींद का नाम निशान नहीं था कहीं भी आसपास.

जब से दीदी को नंगी देखा था तब से ही उनका नंगा जिस्म मेरी आंखों के सामने नाच रहा था. दीदी की चूत चोदने को लेकर जबरदस्त उधेड़बुन चल रही थी मेरे अंदर।

सोचते सोचते करीब एक घंटा बीत गया था.

मैंने घड़ी की तरफ नजर घुमाई तो उस वक्त पौने बारह हो रहे थे. आधी रात का वक्त था और ऐसे में वासना मुझ पर हावी हो रही थी. मेरे मन का असमंजस अब खत्म हुआ और अंत में मैंने सरिता दीदी को चोदने का फैसला ले लिया।

उठ कर मैं रूम में से निकल कर सीधा दीदी के रूम की तरफ गया.
मैंने उनका दरवाजा धीरे से खटखटाया तो दीदी ने आकर दरवाजा खोला. जैसे ही कमरे के अंदर आया और दीदी ने दरवाजा बंद किया तो मैंने पीछे से उनको पकड़ लिया. उनकी दोनों चूचियों को समीज के ऊपर से ही दबाने लगा और उनकी गर्दन पर किस करने लगा।

उनकी दोनों चूचियों को समीज के ऊपर से ही दबाते हुए मैं बोला- दीदी, मैं ये बात कभी किसी से नहीं बताऊंगा. मगर आपको मुझसे वादा करना होगा.
बिन शर्त सुने ही दीदी बोली- मैं वादा करती हूं. जो तू बोलेगा मैं वहीं करूंगी और तेरी हर बात मानूंगी.

मैंने दीदी से कहा- मैं आपको चोदना चाहता हूँ. मगर मुझसे चुदने के बाद आपको वादा करना होगा कि आप उसके बाद केवल मुझसे ही चुदोगी.
वो बोली- हां, मैं कसम खाकर कहती हूं कि मैं सिर्फ तुझसे ही प्यार करूंगी. तुम्हारे सिवाय किसी और का लंड अपनी चूत में नहीं जाने दूंगी. मगर तुम भी वादा करो कि ये सारी राज की बातें मेरे और तुम्हारे बीच में रहेंगी.
मैं बोला- हां, मैंने भी वादा किया.

रजामंदी होने के बाद मैंने दीदी को दरवाजे के पास ही दीवार से सटा दिया. और मैं उनके चेहरे को बेतहाशा चूमने लगा. उनके होंठों को चूसने लगा और लार को अपने मुंह में खींचने लगा. दीदी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. उसे तो चुदाई का पहले से ही तजुरबा भी था.

उसके बाद मैंने दीदी के हाथों को ऊपर उठा कर उनके समीज को निकलवा दिया. फिर उसकी ब्रा का हुक खोल कर उसकी ब्रा भी निकाल दी. दीदी की चूची मेरे सामने नंगी हो गयी. दीदी की नंगी चूची देख कर मेरे मुंह से लार टपकने लगी.

उसके बाद मैंने दीदी को अपनी गोदी में उठा लिया. फिर उसको चारपाई पर लिटा दिया और उनके ऊपर आ गया. मैं दीदी के चेहरे को अपने हाथों में लेकर उनके चेहरे को जहां-तहां चूमने लगा.

उसके बाद मैंने काफी देर तक दीदी को स्मूच किया. दीदी के होंठों को चूमते हुए स्वर्ग सा आनंद मिल रहा था. मेरा तो सब कुछ पहली बार हो रहा था. इतनी ज्यादा उत्तेजना और मजा आ रहा था कि लंड ने दीदी के जिस्म पर हल्की रगड़ खाने से ही पानी छोड़ दिया.

मैं बहुत शर्मिंदा हो गया. कुछ करने से पहले ही मेरा अंडरवियर गीला हो गया. सोच नहीं पा रहा था कि ये सब हुआ कैसे. मुझे परेशान देख कर दीदी बोली- लगता है कि मेरे भाई ने आज तक किसी लड़की पर चढ़ाई नहीं की?

निराशा भरे लहजे में मैंने उत्तर दिया- नहीं दीदी, मैंने आज तक चूत मारना तो दूर … किसी लड़की को किस भी नहीं किया.
दीदी ने मुस्कुराते हुए मेरे कानों में धीरे से कहा- कोई बात नहीं मेरे प्यारे भाई. अब तुम्हारी बहन ही तुमको चोदना सिखाएगी।

इसके बाद दीदी ने मेरे सारे कपड़े निकाल कर मुझे नंगा कर दिया. और मेरे लन्ड को अपने हाथों में लेकर सहलाने लगी. दीदी के नर्म हाथों का स्पर्श पाकर मेरा लन्ड जल्द ही फिर से खड़ा हो गया।

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दीदी अपने दोनों पैरों को मेरी कमर के दोनों तरफ करके घुटनों के बल हो गयी. एक हाथ से मेरे लन्ड को पकड़ लिया और अपनी चूत के मुहाने पर रगड़ने लगी. मेरे मुंह से आहें निकलने लगीं और दीदी भी सिसकारने लगी. माहौल एकदम से बहुत ज्यादा गर्म हो गया.

फिर दीदी मेरे तने हुए लंड को अपनी चूत में रखा और मेरे लंड पर बैठ गयी. एकदम से लंड चूत में फिसल कर अंदर घुस गया. ऐसा लगा कि किसी ने मेरे लंड को जलती भट्टी में दे दिया है.

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उसके बाद दीदी मेरे ऊपर झुक गयी. उसने अपने तपते होंठों को मेरे प्यासे होंठों पर रख दिया और मेरे होंठों को जोर जोर से चूसने लगी. मैं अपने दोनों हाथों से दीदी के चूतड़ों को भींचने लगा. नीचे से दीदी अपनी चूत के धक्के मेरे लंड पर लगाती हुई उछलने लगी.

दीदी की चूत में मेरा लंड अंदर बाहर होने लगा. दोस्तो, बहुत मजा आ रहा था दीदी की चूत चोदते हुए. मेरे लिये तो यह मेरे जीवन की पहली चूत थी जिसकी मैं चुदाई कर रहा था. कहने का मतलब कि मेरी वर्जिनिटी दीदी की चूत चुदाई के साथ ही टूट गयी थी.

सरिता दीदी मेरे ऊपर थी और अपनी कमर हिलाकर मुझे चोद रही थी. बीच बीच में वो रुक कर मेरे होंठों को भी चूस रही थी।
लगभग पन्द्रह मिनट तक वो मुझे उसी तरह चोदती रही. उसके बाद वो मेरे ऊपर से उतर कर बिस्तर पर लेट गयी और मुझे अपने ऊपर आने को कहा.

मैं उसकी दोनों टाँगों के बीच में घुटनों के बल बैठ गया. और अपने लन्ड को उसकी बुर पर रखते हुए उसके ऊपर झुक गया. उसने मेरे लन्ड को अपने हाथों से पकड़ कर अपनी बुर पर सेट किया और मुझे धक्के लगाने का इशारा किया. मेरा लन्ड एक झटके में ही उसकी बुर में चल गया।

अब मैं दीदी के ऊपर चढ़कर उसकी चूत में लंड पेलने लगा. आह्ह … स्सस … करते हुए मैंने दीदी की चूत चोदनी शुरू कर दी. दीदी के मुंह से भी इसी तरह की सिसकारियां निकल रही थीं.

दीदी और मैं चुदाई का पूरा मजा लेने लगे. कई मिनट तक मैंने दीदी की चूत को ऐसे ही चोदा.
और फिर उनकी चूची पकड़ कर तेज तेज उसकी चूत में धक्के लगाने लगा क्योंकि मैं ज्यादा देर नहीं टिक सकता था.

कुछ देर के बाद दीदी का बदन अकड़ गया और उसकी चूत ने ढेर सारा गर्म गर्म पानी छोड़ते हुए मेरे लंड को पूरा अपनी चूत के रस में भिगो दिया. मैं अभी भी दीदी की चूत में धक्के लगाता रहा. चार-पांच मिनट के बाद मेरे लंड ने भी जवाब दे दिया और दीदी की चूत में वीर्य की पिचकारी मार दी.

मैं स्खलित होकर दीदी के ऊपर ही गिर गया. दोनों शांत हो गये थे. थोड़ी देर बाद दीदी ने मेरे बालों को सहलाते हुए कहा- मजा आया दीदी की चूत चोदने में?
मैं बोला- हां, बहुत!

दीदी- तो फिर डील पक्की?
मैं- हां, मेरी ओर से बिल्कुल पक्की, पंकज की बात किसी के कान तक नहीं पहुंचेगी.
दीदी- ठीक है, और मेरी चूत किसी और के लंड तक नहीं पहुंचेगी.

हम दोनों हंसने लगे.
फिर मैं धीरे से अपने कपड़े समेट कर अपने रूम में आ गया और फिर नंगा ही लेट गया. पहली बार चूत मिली थी और पहली चुदाई का नशा भी था. इसलिए सब कुछ आनंदमय लग रहा था. इसी आनंद में मुझे नींद लग गयी और मैं सपनों की दुनिया में चला गया.

दीदी को चोदा कहानी का अगला भाग: शादीशुदा चचेरी बहन को चोदा उनके घर में

दोस्तो, इस तरह मैंने दीदी को चोदा. मेरी बहन ने मुझे चोदना सिखाया. ये थी मेरी चुदाई की शुरूआत की सच्ची कहानी. आपको इस कहानी में मजा आया हो तो अपने कमेंट्स में जरूर बतायें. कहानी के बार में कुछ और कहना चाहते हैं तो आप मुझे ईमेल पर भी संपर्क कर सकते हैं. और सेक्स विडियो और new कहानी पढने के लिये telegram ग्रुप join कर सकते है. [email protected]

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Bhai Behan Sex Stories: I caught my cousin red-handed while fucking her friend. Sister naked got stuck in front of me. How did I fuck cousin sister My sister taught me to fuck.

Hello friends, my name is Anuj and I am from Uttar Pradesh. I am 28 years old. The length is 6 feet and I am fine to see. Today I will tell you the story of the beginning of Chudai in my life.

We had a joint family. Dad has two brothers and uncle also lived together. The uncle has a boy and a girl. The girl is older and the boy is younger. Whereas in my family, apart from mother father, we have two brothers then start Bhai Behan Sex Stories.

At the time of this incident, my uncle’s boy was studying in his maternal grandmother. The uncle’s girl’s name is Sarita and at that time she was in her second year of graduation and I was in the first year.

One day is a matter of evening. It was dark. I was smoking cigarette near the water tank on the side of the roof. Then I heard the sound of someone climbing the stairs. I hid behind the tank immediately on Bhai Behan Sex Stories.

Sarita didi came on the terrace. Due to the darkness, she could not see me. She was talking to someone on the phone. She came to the tank and started talking. In other words, she was giving someone on the phone.

After that she kept quiet for a while, then said- sweetheart, I also want to meet you. But you know that this is not possible during the day. I will meet you every day by taking time off at night and enjoy Bhai Behan Sex Stories.

Then I do not know what the person in front said to Didi. But Didi replied – Okay then, tonight I will meet you there.
After this, Didi stood there and talked for a while.
Then she went down on Bhai Behan Sex Stories.

After some time I also came down. Didi was standing in the verandah and talking to a girl in the neighborhood.

Didi was a very beautiful girl. Fair complexion, about five feet in length, slim waist and big boobs. Even his doom was embossed on him. The innocent face and eyes were so murderous. Overall, Didi was a cracker. After seeing him, no one got up to fuck him like Bhai Behan Sex Stories.

While looking at Didi, I was thinking that seeing Didi from anywhere, did not think that Didi too would fuck before marriage. Since then, I was in a dilemma as to what to do if I caught Didi with someone? I could not reach any conclusion Bhai Behan Sex Stories.

Well after eating the food everyone went to sleep in their own room.
After coming into the room, I opened the door lightly and stood there and looked towards the door of Didi’s room. Around ten o’clock the door of Didi’s room opened slowly. Then Didi came out and gently glued the door for Bhai Behan Sex Stories.

After that she started going in the street towards the backyard of the house. I also started following distance behind Didi. Behind my house, four houses later there was a kachcha house which had fallen. Now no one lived there on Bhai Behan Sex Stories.

When Didi reached in front of the same house, Pankaj was already waiting there. As soon as Didi arrived, she grabbed her hand and he took Sarita Didi to the room inside the house like Bhai Behan Sex Stories.

After entering them, I too slowly entered my house inside that house. Pankaj took Didi to the middle room which had fallen from the top but his walls were still standing. Only the roof part had collapsed the Bhai Behan Sex Stories.

I also started standing outside that room and trying to look inside. Due to the darkness, nothing was visible but his voice was coming to me. When I was near, his Khusar Phusar and other voices were reaching my ears then Bhai Behan Sex Stories.

Sister came out of his mouth – ah… comfortably… squeeze gently man… not so loudly. Its paining.
Pankaj was not saying anything. But the sister was constantly sobbing – Ahhh .. Ahhh .. Amm… Easy!

After a while, Didi’s voice was heard again the Bhai Behan Sex Stories.
She was saying – Pankaj don’t take off. I am removing the salwar.
On this, Pankaj said- My life… You have a lot of fun by fucking you.

After this, Pankaj completely stripped Sarita didi and removed all her clothes too.
After that he said to Didi – My love… When both you and me do sex naked and have fun in Bhai Behan Sex Stories.

Pankaj lays Sarita Didi on a pot on the ground and starts to fuck her on top of Didi. I was unable to stop myself from listening to the sounds of sex and the erotic sobs of both of them.

I said softly – Sister!
On hearing this, both of them got up in a hurry. Pankaj did not look at him, but he put his pants up and ran a gallop with the shirt in his hand and left the other side like Bhai Behan Sex Stories.

Sarita was still unable to manage that I entered the room and caught her red-handed and said – Didi you do all this too? Come today, I will also tell this work of yours to your uncle. I thought you were very decent the Bhai Behan Sex Stories.

Sister fell in my feet. She started crying and begging – No Anuj, you will not do this. If you tell this to my father, then he will kill me. Please… Do not say anything to anyone. I am ready to do what you say but no one should know this, please on Bhai Behan Sex Stories.

When I lit a lighter out of my pocket, I looked at Sarita didi. I was stunned to see such a sight in the dark of night. Sister was absolutely naked. Didi’s naked blonde body glowed like a white moonlight in the dark night under the light like Bhai Behan Sex Stories.

My eyes got stuck on thick white boobs of sister. Seeing such a sexy tit, I went to cum. For the first time in my life, I was seeing a girl naked in front of me like this.

When Didi saw that I was staring at her naked boobs, then she said – Anuj… my brother. If you want to fuck me, of course you also fuck me. But please do not tell anyone about Pankaj on Bhai Behan Sex Stories.

I said- First you put on your clothes. Get out of here and go home. After that, I will tell you what to do and what not to do.

Didi put on her clothes and we left from there.

On approaching the house, I told Didi – stop here. I come to see if someone is awake at home and gone Bhai Behan Sex Stories.

Stopping Sarita didi there, I went ahead and went to see. After coming back, I told that nobody is awake. We can go inside

After that we both went inside. On reaching home, I asked Didi to go to her room. Didi went to her room and I too followed her.

Didi went inside and locked the door from inside the Bhai Behan Sex Stories.
Then turned and said – Anuj, I swear to you that you will not say this to anyone. I would die if you told this to anyone.
Didi started crying after saying this

I said don’t you cry, I will not tell anyone.
She said no, you will tell.
I said – Oh I will not tell you, trust me for Bhai Behan Sex Stories.

She said no – you will tell. I know. Do this once you have sex with me. Then I will believe you.
Saying this, Didi held my left hand and placed it on her right nipple.

Even after wishing I was not able to remove my hand from Didi’s nipple. I enjoyed it the Bhai Behan Sex Stories.

Did not see any resistance of mine, sister put her hand on top of my hand and started pressing her hand. Due to which my hand also started pressing Didi’s nipple and I started having fun. Sister’s teat was very soft as if cotton was filled with a big ball.

Didi bid while pressing her tit – If you want then you can also fuck me. But don’t tell anyone anything.
Sister was constantly pressing her nipple on Bhai Behan Sex Stories.

Tears were falling from her eyes and she was saying – Anuj, please kill my pussy. But do not tell anyone what Pankaj is.

Earlier, I used to say something to Didi… Didi put her left hand in my lower and grabbed my land. Lightning ran in my body. Now it was out of my control to stop myself like Bhai Behan Sex Stories.

I pushed sister backwards and came out of her room. I went straight to my room and went inside and closed the door.
So Didi came to her room door and was looking at me with eyesight.

Still I closed the door of my room and lay down on the bed. I was trying to sleep but there was a whirlwind of emotions in my mind. I could not understand what is right and what is wrong for Bhai Behan Sex Stories.

Watching Didi naked on a dark night and then having sister squeeze her own nipple from my hand. On the other hand, Didi’s sex with Pankaj and this brother-sister relationship between us. The brain was getting curd. There was no name mark of sleep anywhere around.

Ever since I saw Didi naked, her naked body was dancing in front of my eyes. Sister’s pussy was going on a tremendous uproar about fucking me inside me Bhai Behan Sex Stories.

Almost an hour had passed while thinking.

When I looked at the clock, it was a quarter to twelve. It was midnight and in such a situation, lust was dominating me. The confusion in my mind is over now and finally I have decided to fuck Sarita didi.

After getting up, I left the room and went straight towards Didi’s room Bhai Behan Sex Stories.
When I knocked on his door slowly, Didi came and opened the door. As soon as Didi came inside the room and closed the door, I caught them from behind. Both of her cunts started pressing on Sameej and kissed on her neck.

While pressing both of her cunts on top of Sameej, I said – Didi, I will never tell this to anyone. But you have to promise me for Bhai Behan Sex Stories.
Didi said without hearing the condition – I promise. I will do whatever you tell me and I will obey you.

I told Didi – I want to fuck you. But after fucking me you have to promise that after that you will only fuck me.
She said- Yes, I swear that I will only love you. I will not let anyone else’s cocks except you. But you also promise that all these secrets will remain between me and you.
I said- Yes, I also promised for Bhai Behan Sex Stories.

After consenting, I kept Didi close to the wall near the door. And I began to kiss his face wildly. His lips started sucking and pulling saliva into his mouth. Didi was also giving me full support. He already had experience of Chudai.

After that, I lifted Didi’s hands up and got her reviewer removed. Then she opened her bra hook and removed her bra too. Sister’s teat became naked in front of me. Seeing the naked teat of sister, saliva started dripping from my mouth and enjoy Bhai Behan Sex Stories.

After that I lifted the sister in my dock. Then he laid him on the bed and came on top of them. I took sister’s face in my hands and started kissing her face.

After that I smoothed Didi for a long time. Kissing Didi’s lips was a heavenly pleasure. Everything was happening to me for the first time. There was so much excitement and fun that Lund gave up water only after eating light rubbing on Didi’s body the Bhai Behan Sex Stories.

I became very embarrassed. My underwear got wet before I did anything. Could not think how all this happened. Seeing me upset, Didi said- My brother has not climbed any girl till today?

I replied in a tone of despair – No sister, I have done away with licking till date….Bhai Behan Sex Stories. Didi smilingly said softly in my ears- Never mind my dear brother. Now only your sister will teach you fucking.

After this, Didi took out all my clothes and naked me. And started caressing my land with her hands. After getting a touch of Didi’s soft hands, my land soon stood up again Bhai Behan Sex Stories.

Sister put both her legs on both sides of my waist and got on my knees. Grabbed my land with one hand and started rubbing it at the mouth of my pussy. Sighs started coming from my mouth and sister also started sobbing. The atmosphere got extremely hot for Bhai Behan Sex Stories.

Then sister put my trunk cock in her pussy and sat on my cock. Cocks slipped inside and entered inside. It seemed that someone had given my cock in a burning furnace for Bhai Behan Sex Stories.

After that, Sister leaned over me. He put his hot lips on my thirsty lips and started sucking my lips vigorously. With both my hands I started squeezing sister’s pussy. From below, Didi started jumping on her pussy while pushing her pussy like Bhai Behan Sex Stories.

My cock started coming out inside sister’s pussy. Friends, it was very fun while fucking sister’s pussy. For me, this was the first pussy of my life, which I was fucking. It means to say that my virginity was broken with sister fuck for Bhai Behan Sex Stories.

Sarita didi was on top of me and was shaking me with her waist. In between she stopped and was sucking my lips too.
She kept fucking me in the same way for about fifteen minutes. After that she got down from my bed and lay down on the bed and asked me to come over myself on Bhai Behan Sex Stories.

I sat on my knees between his two legs. And keeping his land on his bur, he bent over it. He held my land with his hands and set it on his bur and hinted at me to push. My land went into her burr in a jolt.

Now I climbed on top of Didi and started sucking cocks in her pussy. Ahh… Sss… while doing this, I started Sister’s pussy fucking. Siskaris were also coming out of Didi’s mouth got Bhai Behan Sex Stories.

Sister and I started enjoying Chudai fully. For several minutes, I fuck sister’s pussy like this.
And then, by holding his nipple, he started banging in her pussy because I could not last much longer.

After some time, Didi’s body swung and her pussy left a lot of hot hot water and soaked my cock in her pussy juice. I still kept banging on Didi’s pussy. After four or five minutes, my cock also gave the answer and killed the semen in Didi’s pussy around Bhai Behan Sex Stories.

I fell on top of Didi. Both were calm. After a while, Didi caressed my hair and said – Didi enjoy Chidane’s pussy?
I said – yes, a lot!

Didi- Then the deal is confirmed?
I- Yes, absolutely sure from my side, Pankaj’s words will not reach anyone’s ears.
Didi- Okay, and my pussy will not reach anyone else’s cock and enjoy Bhai Behan Sex Stories.

We both started laughing.
Then I slowly covered my clothes and came to my room and then lay naked. The first time I got pussy and the first fuck was intoxicating. So everything seemed blissful. I fell asleep in this bliss and I went into the dream world.

Next part of Didi Ko Choda story: Married cousin Choda in their house

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