Follow my blog with BloglovinReal Chudai stories बुआ की बेटी की गांड चुदाई 1 best Sex

Real Chudai stories बुआ की बेटी की गांड चुदाई 1 best Sex

बुआ की बेटी की गांड चुदाई Real Chudai stories

Real Chudai stories: इस चुदाई की स्टोरी में पढ़ें कि मैं अपनी बुआ की बेटी के घर रहने गया. वहां पता चला की दीदी की प्यासी चूत बिना चुदाई के काट रही है. मैंने दीदी की चुदाई करके प्यास बुझाई.

दोस्तो, मेरा नाम सौरव है और हम राजस्थान के रहने वाले हैं. MastHindiStory पर मेरी यह पहली चुदाई की स्टोरी है बुआ की बेटी की चुत चुदाई की जो कि दो महीने ही पुरानी है. बात उन दिनों की है जब मैं गुवाहाटी में गया हुआ था. चूंकि पढ़ाई पूरी होने के बाद मुझे कोई अच्छी नौकरी नहीं मिली थी तो मैं अपनी बुआ की बेटी के पास गुवाहाटी चला गया था. मेरी दीदी की शादी हो चुकी है. उसकी उम्र 27 साल है और मेरी 22 साल.
गुवाहाटी में मेरे जीजा जी और बहन रहते हैं. मेरे जीजा जी इंजीनियर हैं.

मैं आपको अपने बारे में बताता हूं. मेरी लम्बाई पांच फीट सात इंच है. मेरा लंड का साइज 6 इंच का है और उसकी मोटाई तीन इंच है. मैंने गुवाहाटी जाने से पहले राजस्थान में रहते हुए भी चुदाई का मजा लिया था लेकिन वो सब कहानियां मैं आपको बाद में बताऊंगा.

मेरी दीदी की लम्बाई पांच फीट और पांच इंच है. उनका फिगर बहुत ही कमाल का है. दीदी को अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ था. पहले तो मैं सोचा करता था कि दीदी और जीजा जी चुदाई के मजे लेने के लिए बच्चे पैदा नहीं कर रहे हैं. लेकिन बाद में मुझे सच्चाई का पता चला. असली कहानी यहीं से शुरू होती है.

जब मैं गुवाहाटी पहुंचा तो दीदी ने गले लगा कर मेरा स्वागत किया. लेकिन जब मेरी छाती उनके चूचों से टकराई तो मेरा लौड़ा खड़ा हो गया. दोस्तो मैं MastHindiStory की कहानियां काफी समय पहले से पढ़ रहा था इसलिए मैंने अपनी बहन को कभी बहन की नजर से देखा ही नहीं था. मुझे वो बाकी औरतों की तरह चोदने का ही माल नजर आती थी.

Real Chudai stories

जब दीदी के चूचों का स्पर्श मुझे मिला तो किसी तरह मैंने खुद को रोका. शाम को खाना खाने के बाद मैं मुठ मार कर सो गया. कुछ ही दिन के बाद मेरे जीजा ने मेरी नौकरी एक अच्छी जगह लगवा दी थी. मैं सुबह दस बजे ऑफिस के लिए निकल जाता था और शाम को पांच बजे वापस आता था.

जब मैं दीदी के यहां पर रहने के लिए आया था तो तब से लेकर अब तक मैंने कभी भी उन दोनों के कमरे से किसी तरह की आवाज नहीं सुनी थी. आप समझ गये होंगे कि मैं किस आवाज की बात कर रहा हूं. रात को मैंने कई बार कोशिश की कि उनकी चुदाई की आवाजें मेरे कानों में आये लेकिन उनके कमरे से कभी कोई ऐसी आवाज नहीं आती थी.

पहले तो मैं सोचने लगा था कि ये दोनों शायद बहुत ही धीरे से चुदाई करते होंगे. मगर ऐसा नहीं था.

एक दिन की बात है कि जब मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं थी और मैं उस दिन ऑफिस नहीं गया. मैं नाश्ता करके आराम करने के लिए सो गया.

दिन में जब मेरी आंख खुली तो मुझे कुछ आवाजें सुनाई दी. मैंने उठ कर अंदर झांक कर देखा तो मेरी दीदी अपनी कुछ सहेलियों के साथ अपने कमरे में किटी पार्टी कर रही थी. मैं वहीं पर कान लगा कर उन की बातें सुनने लगा.
उसकी सहेलियां बातें कर रही थीं.

एक ने दीदी से पूछा- अगर तेरा भाई यहां पर रहता है तो तुम अपने पति के साथ चुदाई कैसे कर लेती हो?
मेरी दीदी बोली- हमने उसके आने से पहले ही अपने कमरे में कांच बदलवा दिये थे. इसलिए आवाज बाहर नहीं जा पाती है.

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मुझे दीदी की ये बात सुन कर बुरा लगा कि दीदी को मेरी वजह से इस तरह सोचना पड़ रहा है और उनको इस तरह की परेशानी उठानी पड़ रही है.
मैंने इस बारे में दीदी से बात करने की सोची. मैं शाम को जब दीदी से बात करने के लिए गया तो वो रसोई में खाना बना रही थी. मैं दीदी के पास गया और दीदी से सीधा ही बोल दिया- दीदी, अगर आप लोगों को मेरे यहां पर रहने से कोई परेशानी हो रही है तो मैं बाहर किराये पर कमरा ले लेता हूं.

दीदी ने मेरी तरफ देखा. वो हैरान सी लग रही थी मेरी बात से.
दीदी बोली- अचानक से तुझे क्या हो गया? तू ऐसी बात क्यों कह रहा है?
मैंने दीदी से कहा- वो … दीदी, मैंने आपकी सहेलियों की बातें सुन ली थीं.

दीदी ने जब यह बात सुनी तो पहले वो गुस्से से बोलीं- तूने हमारी बातें ऐसे छुपकर क्यों सुनी?
मैंने कहा- सॉरी दीदी. लेकिन मैं जब अपने कमरे में सो रहा था तो आप लोगों की आवाज सुन कर मेरी नींद खुल गई थी. मैं जब देखने के लिए आया तो मैंने आप लोगों की बातें सुन लीं.
फिर दीदी बोली- ऐसी कोई बात नहीं है जैसा तू सोच रहा है. हमने कोई कांच नहीं लगवाया है.

मैंने कहा- दीदी, आप झूठ बोल रहे हो. मुझे रात में आप लोगों के कमरे से सच में कोई आवाज नहीं आती.
दीदी गुस्से से बोली- आवाज आने के लिए कुछ करना भी पड़ता है. हम दोनों पति-पत्नी के बीच में कुछ होता ही नहीं तो आवाज कहां से आयेंगी. तू इधर उधर की बातों पर ध्यान मत दे और अपना काम कर, अपनी नौकरी पर ध्यान दे साले. समझा?

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मेरी दीदी के पापा यानि मेरे फूफा जी शराब का ठेका चलाते हैं इसलिए दीदी को गाली देने की पुरानी आदत है क्योंकि उनके घर में यह सब चलता रहता है.

उसके बाद मैं अपने कमरे में आ गया. लेकिन आज मुझे इतना पता तो चल गया था कि मेरे जीजा जी मेरी दीदी को चोदते नहीं हैं. मगर क्यों नहीं चोदते हैं इसका कारण मुझे समझ नहीं आ रहा था.

फिर दो या तीन दिन तक मेरी दीदी से मेरी कोई बात नहीं हुई. एक दिन दीदी मेरे कमरे में आई और बोली- लगता है तू कुछ ज्यादा ही बड़ा हो गया है, इसलिए इतना गुस्सा करने लगा है.
मैंने कहा- नहीं दीदी, ऐसी कोई बात नहीं है. आप ने ही तो कहा था कि मैं अपने काम पर ध्यान दूं इसलिए मैंने उसके बाद आप से इस तरह की बात करना ठीक नहीं समझा.

दीदी ने कहा- मैंने तुझे हमारी सेक्स लाइफ के बारे में बात करने से मना किया था. दूसरी और बात करने से मना नहीं किया था.
मेरे मन में वो जिज्ञासा थी इसलिए मैं उसी के बारे में बात करना चाह रहा था तो मैंने दीदी से कहा- जिस बात के बारे में आपको परेशानी होगी मैं उसी के बारे में तो बात करुंगा न आपसे …

वो बोली- हमारी सेक्स लाइफ के बारे में क्या बात करेगा तू, जब हमारे बीच में कुछ है ही नहीं तो.
दीदी ने गुस्से में कहा और उठ कर चली गई.

अब मुझे सब कुछ समझ में आ गया था. मैंने मौके का फायदा उठाने की सोची और फिर जाकर दीदी से माफी मांग ली. दीदी ने मुझे माफ भी कर दिया.

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उस दिन के बाद दीदी से मेरी बात खुल कर होने लगी थी. मैं अब दीदी को खुश करने की कोशिश करने लगा था. सीधे शब्दों में कहूं तो मैं दीदी पर लाइन मारने की कोशिश करता रहता था. दीदी भी इस बात को जान गयी थी.

एक दिन उन्होंने मुझे इस बारे में टोक ही दिया, दीदी बोली- मैं देख रही हूं कि तू आजकल मुझ पर लाइन मारने की कोशिश कर रहा है. तुझे और कोई लड़की नहीं मिल रही है क्या?
मैंने कहा- जब घर में इतनी सुन्दर लड़की है तो फिर बाहर ढूंढने की क्या जरूरत है?
दीदी बोली- कुत्ते, मैं तेरी बहन हूं.
मैंने कहा- तो क्या हुआ, आप लड़की भी तो हो.

कुछ देर के लिए दीदी चुप हो गयी और फिर कहने लगी कि मुझ पर लाइन मारने का कोई फायदा नहीं है.
मैंने कहा- एक बार कोशिश करके तो देख लेने दो.
इतना कह कर मैंने दीदी को चूम लिया.

दीदी पीछे हट गई, बोली- कोशिश अच्छी थी लेकिन अभी तेरे जीजा आने वाले हैं इसलिए चुपचाप अपने कमरे में जा, हम फिर किसी दिन देखेंगे.

उस दिन हल्की सी सही लेकिन शुरूआत तो हो ही गई थी दीदी के साथ. मैं दीदी को गाली देकर चोदना चाह रहा था. उस दिन का इंतजार करने लगा जब मुझे दीदी को चोदने का मौका मिलेगा. दो दिन के बाद मेरा इंतजार खत्म हो गया.

उस दिन जब मैं ऑफिस से आया तो मेरा लौड़ा पहले से ही गर्म था. मगर जीजा जी मुझसे पहले ही घर आ गये थे और अपने कमरे में सो रहे थे. शायद उनके सिर में दर्द था. मैंने उनको देखा और धीरे से कमरे का दरवाजा बंद करके आ गया.

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मैं अपने कमरे में चला गया और फ्रेश होकर रसोई में चला गया. तब तक दीदी ने हम दोनों के लिए चाय बना दी थी. किचन दीदी के बेडरूम से थोड़ी दूरी पर था. दीदी के बेडरूम में जीजा जी सो रहे थे.
दीदी ने चाय मेरी तरफ बढ़ाई तो मैंने गुस्से में आकर चाय फेंक दी.
दीदी बोली- साले मादरचोद, चाय क्यों फेंक दी. अब दोबारा चाय क्या तेरी मां आकर बनाएगी रंडी की औलाद?
मैंने कहा- नहीं चाहिए मुझे चाय.

इतना कहकर मैंने अपना पजामा खोल दिया और अपना लंड दीदी को दिखाते हुए कहा- आज मैं इसकी मलाई तुझे पिलाऊंगा साली. चल बहन की लौड़ी. चूस ले इसको …
मेरा लंड खड़ा हुआ था तो मैंने अपने खड़े हुए लंड को दीदी के मुंह में डाल दिया और दीदी के मुंह को चोदने लगा.

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दीदी भी लंड को चूसने लगी और मैंने अपना माल दीदी के मुंह में गिरा दिया. उस दिन हमने इसके अलावा और कुछ नहीं किया. अब मैं दीदी को चोदने के मौके की तलाश में था.

फिर तीन-चार दिन के बाद जीजा को कंपनी के काम से बाहर जाना था तो मैंने अपने ऑफिस एक दिन के लिए छुट्टी ले ली. मैंने दीदी से पहले ही इस बारे में बात कर ली थी.

जीजा जी उस दिन जा चुके थे और जब मैं घर पहुंचा तो दीदी सोफे पर बैठी हुई थी.
मैंने कहा- साली रंडी, यहां क्यूं बैठी हुई है? तुझे चुदना नहीं है क्या? चल साली बेडरूम के अंदर.
दीदी बोली- आ रही हूं भड़वे.

दीदी अंदर बेडरूम में आ गई और आकर बेड पर लेट गई. मैं भी दीदी के ऊपर आकर लेट गया और उसको किस करने लगा. फिर मैं उठा और दीदी को एक थप्पड़ मार कर बोला- चल साली, मेरे कपड़े खोल और मेरा लौड़ा चूस ले.

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दीदी ने उठ कर मेरे कपड़े उतारे और मुझे नंगा कर दिया. उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपने मुंह में लेकर जोर से चूसने लगी. दीदी की चुसाई इतनी तेज थी कि उसने जल्दी ही मेरा माल अपने मुंह में निकलवा दिया.

फिर मैंने दीदी को भी नंगी कर दिया और ऊपर लेट कर दीदी के बोबे चूसने लगा. मैं दीदी के बाबे दबाते हुए उनको काटने लगा. दीदी के चूचे लाल हो गये.

दीदी बोली- साले चूस क्या रहा है मादरचोद, मैंने तुझे चोदने के लिए कहा था न … चोद मुझे हरामी की औलाद.

दीदी के कहने पर मैंने नीचे आकर उसकी चिकनी चूत को चाटना शुरू कर दिया. मैंने अपनी पूरी जीभ उसकी चूत में घुसा दी.

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काफी देर उसकी चूत को जीभ से चोदते हुए हो गई तो वो फिर से गाली देने लगी- साले मुझे अपने लौड़े से कब चोदेगा हरामी?
मैंने कहा- रंडी, पहले वादा कर कि जितनी औरतों को तू जानती है उन सब की चूत मेरे लंड को दिलवायेगी.
दीदी झट से मान गयी.

फिर मैंने अपने लंड को दीदी की चूत पर रखा और उसको दीदी की चूत पर पटकने लगा.
दीदी तड़प उठी, बोली- सस्स… चोद ना साले क्यूं खेल कर रहा है?

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फिर दीदी ने मुझे नीचे पटक दिया और खुद ही मेरे लंड पर आकर बैठने लगी. दीदी ने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और अपनी चूत पर रख कर उस पर दबाव बनाती हुई बैठती चली गई.
मेरा सुपारा दीदी की चूत में उतर गया तो दीदी चीख पड़ी- उम्म्ह … अहह … हय … ओह … मर गई हरामी. बहुत दर्द कर रहा है तेरा लौड़ा. चूत फटने वाली है. बहन के लौड़े तूने मेरी चूत को फाड़ने के लिए मुझे गर्म किया था क्या कुत्ते?
मैंने कहा- डार्लिंग एक बार दर्द होगा, फिर खूब मजा आयेगा।

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bhai behan ki chudai ki story

यह सुन कर मेरी शेरनी बहन ने होंठ भींच कर और दर्द को पीते हुए धीरे धीरे पूरा लौड़ा अपनी चूत में फिट कर लिया और ऊपर नीचे उछल उछल कर घुचके मारने लगी।
मैंने भी अपनी चुदक्कड़ बहन का साथ देते हुए नीचे से घुचके मारने शुरू कर दिए!

पन्द्रह मिनट इस तरह घुचके मारने के बाद वो हांफने लगी। थोड़ी देर के लिए हमने चुदाई को विराम दिया. मेरा लंड अभी भी दीदी की चूत में ही घुसा हुआ था. बहुत गर्म चूत थी मेरी दीदी की. कुछ देर के बाद हम वापस शुरू हो गए।

जब मेरे थोड़ा लंड उसकी चूत में घुसा तो वो मस्त आवाज करती हुई चुदने लगी. उसकी वो आवाजें सुन कर मैंने एक धक्का और मारा जिससे मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया. मेरा लंड जैसे ही उसकी चूत में पूरा घुसा तो उसके मुंह से जोरदार दर्द भरी आवाज निकल गयी लेकिन अब की बार उस दर्द के साथ एक मजा भी था. दर्द की वजह से वो मुझसे और कुछ भी नहीं बोल पाई.

वो दर्द की वजह से पीछे बढ़ रही थी पर मैंने उसकी कमर को पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और जोरदार धक्के मारने लगा. कुछ ही देर में उसे भी चुदाई का पूरा मज़ा आने लगा और वो मेरे धक्कों के मज़े लेती हुई आ … आ … ऊह … ऊऊऊ … आ हाँ … आआआ… ऊऊऊ.. की सिसकारियां लेने लगी.

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मैंने उसकी चूत में धक्कों की स्पीड इतनी तेज कर दी कि कुछ ही देर में उसकी चूत से पानी निकल गया.
मैं अभी तक नहीं झड़ा था.

फिर मैंने उसकी चूत से लौड़े को निकाल लिया और उसको घोड़ी बना लिया. मैंने उसकी गांड के छेद पर लंड को रगड़ा और अपने लंड के चिकने सुपारे को उसकी गांड के छेद पर मलने लगा. मेरा लंड पूरा का पूरा उसकी चूत के रस से भीगा हुआ था और काफी चिकना भी हो गया था. मैंने धीरे से सुपारे का अगला भाग दीदी की गांड में घुसाया तो वो उचक गई. मैंने उसकी गांड को अपने हाथ में पकड़ लिया ताकि वो आगे की तरफ छूट कर न भागे.

सुपारे को अंदर घुसाने के बाद मैंने कुछ देर ऐसे ही लंड को रोके रखा और फिर दबाव बनाना शुरू किया. दीदी की गांड फैलने लगी और धीरे-धीरे करके लंड को आगे धकेलते हुए मैंने उसकी गांड में लंड को घुसा दिया. उसने पूरा का पूरा लंड मेरी गांड में ले लिया. अब मैंने धीरे से उसकी गांड में लंड के धक्के लगाना शुरू किया. पूरा लंड गांड में अंदर बाहर होने लगा.

अब वो अपनी गांड को हिला हिला कर चुदने लगी. मैं उसकी गांड में ऐसे ही 5 मिनट तक धक्के मारने के बाद झड़ गया. फिर उसने मेरे लंड को मुंह में रख कर चाट चाट कर साफ कर दिया. फिर हम दोनों बिना कपड़ों के ही सो गए.

रात को फिर से मैंने दीदी की चुदाई की. दीदी की चूत को चोद कर मैंने बुआ की बेटी की चुत चुदाई की प्यास को बुझा दिया.

जब तक जीजा जी नहीं लौटे हम दोनों में चुदाई का ये खेल जमकर हुआ. ऑफिस से आते ही मैं दीदी की ठुकाई करता था और फिर रात में सोते टाइम भी उनकी चूत को खूब चोदता था. दीदी भी खुश हो गई थी. फिर जीजा जी आ गये और रोज की चुदाई बंद हो गई लेकिन बीच-बीच में मौका निकाल कर मैं दीदी की चुदाई कर लेता था.

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आपको बुआ की बेटी की चुत चुदाई की स्टोरी कैसी लगी, मुझे इस बारे में मेल करें.
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आपको मेरी यह सच्ची सेक्स घटना कैसी लगी मुझे Telegram पर ज़रूर बताये में आपके comment और message का इंतज़ार करूगा.

Real Chudai stories

Read in English

Bhua ki ladki ki gand chudai Real Chudai stories

Real Chudai stories: Read in this chudai story that I went to stay at my aunt’s daughter’s house. It was found that sister’s thirsty pussy is biting without any fuck. I quenched the thirst by fucking sister.

Friends, my name is Sourav and we are from Rajasthan. This is my first fuck story on MastHindiStory, which is only two months old. It is about those days when I went to Guwahati. Since I did not get a good job after completion of my studies, I went to my aunt’s daughter in Guwahati. My sister is married. He is 27 years old and I am 22 years old the Real Chudai stories.
My brother-in-law and sister live in Guwahati. My brother-in-law is an engineer.

Let me tell you about myself. My height is 5 feet 7 inches. My penis size is 6 inches and its thickness is three inches. I had enjoyed Chudai even while living in Rajasthan before going to Guwahati, but I will tell you all those stories later and Real Chudai stories.

My sister’s length is five feet and five inches. His figure is very amazing. Didi had not yet had any children. At first I used to think that Didi and brother-in-law are not having children to enjoy sex. But later I came to know the truth. The real story starts from here the Real Chudai stories.

When I reached Guwahati, Didi embraced and welcomed me. But when my chest collided with his legs, my Aloda stood up. Friends, I had been reading MastHindiStory stories for a long time, so I had never seen my sister from the eyes of her sister. I could see the goods of Chodane like the rest of the women.

Real Chudai stories
When I got a touch of sister’s tits, I somehow stopped myself. After having dinner in the evening, I slept with a fist. After a few days my brother-in-law had got my job a good place. I would leave for office at ten in the morning and return at five in the evening.

When I came to stay at Didi’s place, since then, I had never heard any kind of voice from their two rooms. You must have understood what voice I am talking about. At night, I tried many times that the sound of his fuck came in my ears, but there was no such sound from his room then Real Chudai stories.

At first I started thinking that these two might have been fucking very slowly. But it was not so.

It is a matter of a day that when I was not well and I did not go to office that day. I slept to rest after having breakfast and Real Chudai stories.

During the day, when my eyes opened, I heard some voices. When I got up and looked inside, my sister was having a kitty party in her room with some of her friends. I started listening to his words with his ears there Real Chudai stories.
His friends were talking.

One asked Didi – if your brother stays here, how do you fuck with your husband? Real Chudai stories.
My sister said- We had changed the glass in our room before he came. That’s why the voice can’t go out.

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I was sorry to hear that Didi is thinking this way because of me and she has to bear this kind of problem.
I thought of talking to Didi about this. When I went to talk to Didi in the evening, she was cooking in the kitchen. I went to Didi and spoke directly to Didi – Didi, if you guys have any problem with my stay here, then I take a room for rent outside.

Didi looked at me. She seemed surprised by my words is Real Chudai stories.
Didi said- What happened to you suddenly? Why are you saying such a thing?
I told Sister- That… Sister, I had listened to your friends.

When Didi listened to this she first said angrily – Why did you listen to our things secretly?
I said – Sorry sister. But when I was sleeping in my room, my sleep was opened after hearing your voice. When I came to see, I listened to your people on the Real Chudai stories.
Then Didi said- There is no such thing as you are thinking. We have not installed any glass.

I said- Sister, you are lying. I really do not hear any voice from your room at night.
Didi angrily said – Something has to be done to get the voice. If nothing happens between both of us husband and wife, then where will the voice come from? Real Chudai stories. You do not pay attention to things here and there and do your work, pay attention to your job. Understood?

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My sister’s father, ie my uncle, runs a liquor contract, so he has an old habit of abusing sister because all this goes on in his house.

After that I came to my room. But today I knew that my brother-in-law does not fuck my sister. But I could not understand the reason why I do not fuck but Real Chudai stories.

Then I did not talk to my sister for two or three days. One day, Didi came to my room and said- I think you have grown too much, so I started getting so angry like Real Chudai stories.
I said no, sister, there is no such thing. You only said that I should concentrate on my work, so I did not think it right to talk to you after that.

Didi said- I told you not to talk about our sex life. Did not refuse to speak another thing.
I had that curiosity in my mind, so I wanted to talk about the same, so I said to Didi – I will talk about the same thing about you and not you…Real Chudai stories.

She said – what will you talk about our sex life, when there is nothing in between us.
Didi said in anger and got up for Real Chudai stories.

Now I understood everything. I thought of taking advantage of the opportunity and then apologized to Didi. Didi also forgave me.

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After that day, my conversation with Didi was open. I was now trying to please Didi. Simply put, I used to keep trying to hit the line on Didi. Didi also came to know about this.

One day they gave me a thought about this, Didi said – I see that you are trying to hit the line on me these days. Can’t you find another girl? and Real Chudai stories.
I said – when there is such a beautiful girl in the house, then what is the need to find out?
Didi said- Dog, I am your sister.
I said – so what happened, you are a girl too.

Didi kept quiet for a while and then started saying that there is no use of hitting the line on me.
I said – try once and see it Real Chudai stories.
After saying this, I kissed Didi.

Didi retreated, bid – The effort was good but your brother-in-law is about to come, so go quietly to your room, we will see it again someday.

It was a little right that day but it had already started with Didi. I was trying to fuck sister by abusing her. I waited for the day when I would get a chance to fuck sister. After two days my wait is over the Real Chudai stories.

That day when I came from office, my Aloda was already hot. But brother-in-law had come home before me and was sleeping in his room. Perhaps he had a headache. I saw them and slowly closed the door of the room and came.

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I went to my room and freshened up in the kitchen. By then Didi had made tea for both of us. The kitchen was a short distance from Didi’s bedroom. Brother-in-law was sleeping in Didi’s bedroom.
Didi made the tea go towards me, I got angry and threw the tea away.
Didi said- Mother-in-law, why threw tea. Now will your mother come and make tea again?
I said – I do not want tea for Real Chudai stories.

Having said this much, I opened my pajamas and showed my cock to Didi and said- today, I will give you cream to drink it. Aunt’s sister’s carriage Suck it…Real Chudai stories.
When my cock was erect, I put my erected cocks in Didi’s mouth and started fucking Didi’s mouth. Didi also started sucking cocks and I dropped my goods in Didi’s mouth. We did nothing else that day. Now I was looking for a chance to fuck Didi.

Then after three to four days, the brother-in-law had to go out of the company work, so I took leave for my office for a day. I had already talked to Didi about the Real Chudai stories.

Brother-in-law had gone that day and when I reached home, Didi was sitting on the couch.
I said, sister-in-law, why is she sitting here? Don’t you want to fuck Inside the moving sister bedroom then Real Chudai stories.
Didi bid – I’m coming, Bhave.

Didi came inside the bedroom and came and lay on the bed. I also lay on top of my sister and started kissing her. Then I got up and slapped Didi with a slap and said – Come on sister-in-law, open my clothes and suck my aloda.

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Didi got up and took off my clothes and naked me. He grabbed my cock and started sucking it vigorously with his mouth. Sister’s cock was so fast that she soon took my goods out in her mouth.

Then I stripped the sister too and lying down started sucking Didi’s booby. I started biting her while pressing sister in law. Didi’s feet turned red of Real Chudai stories.

Didi said, what is the mother-in-law suck, Madarachod, I told you not to fuck… Chod I am a child.

On Didi’s orders, I came down and started licking her smooth pussy. I inserted my whole tongue in her pussy on the Real Chudai stories.

For a long time, when her pussy was fucking with tongue, she started abusing again – when will I fuck Chodega bastard?
I said – Randi, first promise that you will get the pussy of all the women you know.
Sister quickly agreed for Real Chudai stories.

Then I put my cock on Didi’s pussy and started banging her on Didi’s pussy.
Didi yearning arose, bid – Suss… Why is Chod na Saale playing?

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Then Didi slammed me down and started sitting on my cock by herself. Didi took my cock in her hand and kept on putting her pussy and kept on pressing on her.
When my betel nut landed in Didi’s pussy, Didi screamed – Ummh… Ahhh… Hahh… Oh… She died. Your Aloda is hurting a lot Pussy is about to burst. Did you warm me to tear my pussy?
I said – Darling will be a pain once, then it will be great fun.

Real Chudai stories Hearing this, my lioness sister, after squeezing her lips and drinking the pain, slowly fit the whole aloda in her pussy and started bobbing up and down.
I also started supporting my cocky sister by rolling her down!

After fifteen minutes like this, she started panting. We stopped Chudai for a while. My cock was still penetrated in Didi’s pussy. My sister had a very hot pussy. After some time we started back to the Real Chudai stories.

When my little cocks got into her pussy, she started banging her voice. Hearing her voice, I pushed and hit, which made my whole cock penetrate her pussy. As soon as my cock penetrated her pussy, a loud, painful voice came out of her mouth, but now times there was a fun with that pain. She could not speak anything to me because of the pain then i got Real Chudai stories.

She was moving backward due to the pain, but I grabbed her waist and pulled it towards her and started pushing hard. In a while, she too started enjoying the fuck and she started enjoying my bumps, aaa, oooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooah.

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I made the speed of bumps in her pussy so fast that water came out of her pussy in no time.
I hadn’t lost yet.

Then I took out Alore from her pussy and made her a mare. I rubbed the cocks on his ass hole and started rubbing the smooth nut of my cocks on his ass hole. The whole of my cock was wet with the juice of her pussy and had become very smooth. When I gently inserted the front part of the betel nut into Didi’s ass, she was shocked. I held her ass in my hand so that she could not run away from the front of the Real Chudai stories.

After putting the betel nut inside, I kept cocks like this for some time and then started pressurizing. Sister’s ass started spreading and while slowly pushing the cocks forward, I inserted the cocks in her ass. He took the entire cock in my ass. Now I slowly started licking the cocks in her ass. The whole cocks started coming out inside the ass then Real Chudai stories.

Now she started to shake her ass shaking. I fell in his ass after hitting him for 5 minutes. Then he put my cock in the mouth and licked it clean. Then we both slept without clothes and Real Chudai stories.

I fuck didi again at night. By fucking Sister’s pussy, I quenched the thirst for kissing aunt of aunt.

Until the brother-in-law returned, this game of sex took place in both of us. As soon as I came from office, I used to kiss Didi and then at the time of sleeping at night, she used to fuck her pussy a lot. Didi also became happy. Then brother-in-law came and the daily fucking stopped but I used to take my chance in between and fuck the sister.

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