Follow my blog with BloglovinAunty ki chudai in hindi 1सुंदर आंटी ने जगायी मेरी वासना Fun

Aunty ki chudai in hindi 1सुंदर आंटी ने जगायी मेरी वासना Fun

सुंदर आंटी ने मेरी वासना जगायी Aunty ki chudai in hindi

Aunty ki chudai in hindi – aunty ki antarvasna – kamvasna story: अपनी पढ़ाई के लिए मैं पापा के बॉस के घर में रहता था. बॉस की बीवी बहुत सेक्सी हैं. मुझे पता चल गया कि आंटी चुदाई की प्यासी हैं क्योंकि उनके पति दूसरे शहर में रहते हैं.

नमस्कार मित्रो, मैं आज अपने अब तक के जीवन में हुए एक बहुत ही खुशनुमा पल को आप लोगों के बीच में रखना चाहता हूँ … कृपया आनन्द लीजिये. चूंकि ये मेरा पहला अवसर है … इसलिए गलतियां हो सकती हैं … प्लीज़ नजरअंदाज करके मजा लीजिएगा.

ये बात तब की है जब मैं बारहवीं पास कर चुका था और मेरा एडमिशन बी टेक में नोयडा के एक कॉलेज में हुआ. हम लोग गुजरात में रहते हैं. मेरे घर वाले मुझे दूसरे शहर में अकेले भेजने से डरे हुए थे. उनको डर लगता था कि मैं उधर अकेले कैसे रहूँगा, कभी अकेले बाहर रहा नहीं है.
लेकिन अकेले रहना तो था ही.
पापा ने मुझे नोयडा छोड़ने आना था तो उन्होंने अपने मालिक से कहा- मुझे छुट्टी चाहिए. मेरे बेटे का एडमिशन नोयडा के कॉलेज में हुआ है. मुझे उसको पीजी दिलवाने नोयडा जाना है.

मेरे पापा एक प्राइवेट बिजनेसमैन के पास जॉब करते थे. मालिक के साथ मेरे पापा के बड़े ही अच्छे सम्बन्ध थे, जिस कारण उन्होंने कहा- आप अपने बेटे को लेकर परेशान मत हो, उसको हमारे घर पर रख देना. वो उधर मेरे बीवी बच्चों के साथ बना रहेगा. वो लोग भी वहां अकेले ही रहते हैं.

मेरे पापा के मालिक का कारोबार कई शहरों में है.
यहां एक बात और भी बता दूँ कि मेरे पापा के बॉस की दो बीवियां थीं. एक उनके साथ यहीं गुजरात में रहती थीं. दूसरी उत्तर प्रदेश के नोएडा में बच्चों के साथ रहती थीं. वो बार बार वहां आते जाते रहते थे.

इस तरह उन्होंने मेरे पापा को मुझे नोएडा भेजने की बात की.

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पापा खुश हो गए कि बेटे को घर मिल गया रहने के लिए… उनकी चिंता अब कम हो गयी थी. और मैं अपने पापा के साथ उधर जाने की तैयारी करने लगा. अगले दिन हम ट्रेन में बैठे और दूसरे दिन सुबह ही नोएडा पहुंच गए.

मेरे पापा अपने बॉस की फैमिली से पहले से ही परिचित थे. फिर बॉस ने फोन भी कर दिया था. इसलिए जब उन्होंने दरवाजा खोला, तो उन्होंने पापा को पहचान लिया.

हम लोग उनसे मिले और बात की. उन्होंने मुझे देखते हुए पूछा- अच्छा तो ये है आपका बेटा … ये तो बहुत शरमाता है … क्या नाम है?
मैं बोला- यश नाम है मेरा.

कुछ देर बाद बातचीत के बाद उन्होंने पापा जी से बोला- आप चिंता ना करें, मुझे मेरे हस्बेंड ने फोन पर सब बता दिया था. आप बेफिक्र हो कर घर जाओ … आज से यश की जिम्मेदारी मैं लेती हूँ.

फिर हम सभी का खाना आदि हुआ और शाम को पापा मुझे उनके यहां छोड़ कर वापिस चले गए.

अब सेक्स का मजा यहां से शुरू होता है.

पापा के जाने के बाद ही मैंने अपना सर ऊपर उठा कर देखा, बॉस का घर बहुत ही आलीशान था … उनका घर एकदम खाली सा था.

थोड़ी देर में मालिक की बीवी मेरे पास आयीं. उनको मैंने आंटी बोलना शुरू कर दिया था. अब पहली बार ये अवसर था, जब मैंने उनको बड़ी गौर से देखा. आंटी बहुत ही ज्यादा खूबसूरत थीं.

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उन्होंने आते ही मुझसे पूछा- कैसा लगा घर?
मैं बोला- बहुत सुन्दर है.
वो मुस्कुरा कर बोलीं- ठीक है अब तुम आ गए हो, तो ये घर मुझे भी अच्छा लगेगा … बच्चे भी खुश होंगे. वो अभी स्कूल से आते ही होंगे.

उन्होंने मुझे मेरा कमरा बताया. मेरा कमरा सबसे ऊपर था. मैंने अपना सामान आदि रखा और बाद उसे व्यवस्थित करने का सोचने लगा. सब ठीक से हो गया था. मैं भी खुश था.

अगले दिन आंटी मुझे मेरा कालेज दिखाने ले गयी. कॉलेज 2 दिन बाद शुरू होना था.

हम सब आराम से रहने लगे.

एक दिन शाम को बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने टीचर आया और उस टाइम आंटी बोर हो रही थीं. इसलिए वो ऊपर टहलने आ गईं.

उस समय उन्होंने मैक्सी पहन रखी थी. इसमें आंटी कुछ ज्यादा ही हॉट एंड सेक्सी लग रही थीं. आंटी मेरे कमरे के पास ही टहल रही थीं और मैं कमरे में व्याप्त अन्धेरे से उनकी खूबसूरती को देख रहा था. शायद उनको भी पता चल गया था कि मैं उनको देख रहा हूं.

वो सिल्क की लाल कलर की मैक्सी में टहल रही थीं. इस सिल्की मैक्सी में उनकी पूरी देह का एक-एक अंग नुमाया हो रहा था. उनके निप्पल भी साफ़ समझ आ रहे थे. पैंटी की लाइन भी क्लियर दिख रही थी. सच में आंटी इस वक्त बेहद कामुक दिखाई दे रही थीं. आंटी की मैक्सी के गहरे गले से उनकी दूधिया चूचियां मुझे पागल किये दे रही थीं. हालांकि उन्होंने मैक्सी के ऊपर एक कोटीनुमा जैकेट पहन रखी थी, जिसके बटन उन्होंने खोले हुए थे.

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उन्होंने मुझे आवाज देकर अपने पास बुलाया. मैं उनकी आवाज सुनकर कमरे से निकला और उनके करीब आ गया.
वो मेरे लंड की तरफ देखते हुए बोलीं- मैं बोर हो रही थी, इसलिए तुम्हें बुला लिया … तुम डिस्टर्ब तो नहीं हुए न!
मेरा लंड नीचे फूलने लगा था, जिसे देख कर वो एक कातिल मुस्कान देने लगीं.

उनकी ये कातिलाना मुस्कान साफ़ समझ आ रही थी कि इसका क्या मतलब है. मैं भी जवान हूँ, मुझे उनका ऐसे करने का मतलब समझने में देर नहीं लगी.

आंटी बोलीं- तुमको मैं कैसी लगती हूँ?
मैंने बोल दिया- आप बहुत खूबसूरत हैं.
इस पर उन्होंने हंस दिया और बोलीं- सच बोलो न!
मैंने कहा- हां मैं सच ही बोल रहा हूँ.
उन्होंने कहा- ठीक है.

उस समय मैं एक बॉक्सर पहने हुआ था. उनकी इस कामुक मुस्कान से मेरा रोम रोम खड़ा हो चला था. नीचे लंड भी मेरा कहना नहीं मान रहा था.

अब हम दोनों छत पर बनी बाउंड्री बाल के पास खड़े हो गए. वो मुझे बेहद कामुक अंदाज से देख रही थीं. मैं भी उनके हर एक अंग को बस दूर से ही महसूस कर रहा था. शायद आग दोनों तरफ लग चुकी थी, पर डर की वजह से मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी.

कोई आधा घंटे तक हम दोनों यूं ही एक दूसरे को देखते हुए टहलते रहे. तब तक बच्चे भी छत पर आ गए. बच्चों की आवाज से हमें होश आया और हम दोनों सामान्य हो गए.

आंटी मुस्कुराते हुए बच्चों को लेकर नीचे जाने लगीं. जाते समय उनकी चाल मेरे दिल में घर कर गयी. वो मुझे देख कर मुस्कुरा रही थीं.
जाते समय उन्होंने कहा- तुम भी खाना खाने आ जाओ.

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मैं उनके बाद नीचे चला गया और खाना खाने के बाद कमरे में आ गया. खाना की टेबल पर आंटी ने मुझे खूब झुक झुक कर खाना परोसा और मेरे लंड की हालत खराब कर दी. इस दौरान एक दो बार आंटी ने अपने हाथ भी मुझसे टच किये. मगर मैं सकुचाया हुआ खाना खाता रहा.

जब रात हुई और बच्चे सो गए … तो वो फिर से ऊपर आ गईं. इस बार वो ऊपर की कोटी निकाल कर आई थीं. पहली बार मेरी नजर उसके कठोर तने हुए सीने पर गई. आंटी के बहुत ही खूबसूरत बूब्स थे. उनके रसीले होंठ, खुले हुए बाल मस्त लग रहे थे. उनकी लचकती कमर को देख कर मैं तो उनमें खो सा ही गया.

वो मेरे नजदीक आकर बोलीं- खाना खाकर टहलना चाहिए … आओ थोड़ी देर टहलते हैं.

मैं उनके साथ उठ कर टहलने आ गया. हम दोनों साथ में छत पर टहलने लगे. सच में मुझे बहुत मजा आ रहा था. हम बातें कर रहे थे, अचानक से उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी कमर में हाथ डालते हुए मुझे अपने साथ सटा कर चलने लगीं. मैंने भी उनको कमर से पकड़ लिया. उन्होंने हल्के से ‘शशह … आह..’ किया.

फिर वो दीवार से सहारा लेकर रुक गईं. मैंने उनको अपने पास खींच लिया और हम दोनों एक दूसरे से बहुत जोर से लिपट गए. वो मुझे चूमने लगीं. मैं भी उन्हें चूमने लगा.

उन्होंने मेरे हाथ अपने मम्मों पर लिए, तो मैं उनके मम्मों को दबाने लगा. उन्होंने मुझे अपनी बांहों में कस लिया और मेरी पीठ सहलाते हुए मुझे गर्दन में चूमने लगीं. मेरे बदन में मानो आग सी लग गई. उनके रसीले होंठ मुझे पागल कर रहे थे. मैंने अपने होंठों को उनके होंठों से टच किए, तो गरम गरम चाशनी जैसा स्वाद आया.

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तभी आंटी ने अपना एक हाथ नीचे किया और मेरा लंड पकड़ कर दबाने लगीं.

हम दोनों छत पर ही चांदनी रात में एक दूसरे में खोये हुए थे. अब तक मेरे लंड का सुपारा एकदम लाल हो गया था.

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तभी उन्होंने अपनी मैक्सी ऊपर की ओर सरका ली और मैंने भी उसकी गीली हुई चूत के ऊपर लंड रख दिया. आंटी की चुत एकदम पानी से चिकनी हो रही थी. मुझे चुत पर लंड का सुपारा लगाने इतना अधिक मजा आया कि हम एक दूसरे को कसके मसलने लगे.

तभी मेरे लंड ने आंटी की चुत की फांकों में अपनी जगह बनानी शुरू कर दी और उसी वक्त आंटी ने धीरे से अपनी टांगें खोल दीं. पर शायद ये जगह चुदाई के लिए ठीक नहीं थी. मैंने उनको अपनी गोद में उठा लिया और अपने रूम में ले आया.

अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था. मेरा लंड भी अपनी फुल औकात में था.

मैंने आंटी को सीधा लिटाया और उनकी टांगों को फैला कर चूत की फांकों में धीरे से सुपारा लगा दिया. उधर आंटी की चुत भी लंड लेने के लपलप कर रही थी. मैं आंटी की चूत पर लंड रख कर अन्दर सरकाने लगा. मेरा लंड चूत में घुसने लगा. आंटी ने भी अपनी टांगों को पूरा खोल दिया और हल्के स्वर में आवाजें निकालने लगीं.

मैं भी उनकी गर्दन पर किस करते हुए उन पर झुकने लगा. उनके रस से लबालब भरे उरोजों को मसलते हुए मैंने लंड अन्दर सरका दिया और धीरे धीरे से चोदना शुरू कर दिया.

आंटी ‘शीई शश्सशश … हम्म … शशश..’ कर रही थीं. उनकी मादक सिसकारियां पूरे कमरे को मदहोशी में भर रही थीं.

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हम दोनों लगातार एक दूसरे के होंठों को किस कर रहे थे. मैं बीच बीच में उनके चूचों को चूसता जा रहा था. मेरा लंड अब आंटी की चुत में तेजी से अन्दर बाहर होने लगा था. आंटी की चुत तो इतनी अधिक लिसलिसी थी कि मेरा लंड बिना किसी अवरोध के अन्दर बाहर हो रहा था. हालांकि मेरे लंड को आंटी की चुत बड़ी टाईट लग रही थी. आंटी की कराहें भी इस बात का साफ़ इजहार कर रही थीं कि आंटी की चुत को मेरा लंड मोटा लग रहा था.

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आधा घंटे तक लगातार मैं उनको चोदता रहा. शायद इस बीच उनकी चूत से दो या तीन बार पानी निकल चुका था.

अब मैं भी अपने चरम सीमा पर था. मेरे रोंगटे एकदम से खड़े हो गए थे. मैंने उन्हें कसकर पकड़ लिया और झड़ने लगा. कुछ देर बाद मैं शांत हो कर उनके ऊपर ही ढेर हो गया.

चुदाई के दस मिनट बाद हम दोनों ने अपनी आंखें खोलीं और एक दूसरे को प्यार से देखने लगे.
आंटी ने मुझे चूमा और कहा कि आज न जाने कितने दिनों बाद मेरे तन की आग बुझी है. तुम्हारे अंकल तो काफी काफी दिन बाद आते हैं तो मुझे अपनी प्यास को दबा जाना पड़ता है. अब तुम मुझे छोड़ कर कहीं नहीं जाओगे.
मैंने भी आंटी को चूम लिया और उनके बगल में लेट गया.

उस रात में हम दोनों ने पूरी रात सेक्स किया. वो काफी दिनों बाद चुदाई कर रही थीं. हमने उस रात बहुत मजे किए थे. उस मजे को शब्दों में लिखना बहुत मुश्किल है.

आप मेल करके मुझे बताएं कि आंटी की चुदाई की मेरी सेक्स कहानी आप को पसंद आयी या नहीं?
इसके आगे और क्या हुआ … मैं जरूर बताऊंगा.
धन्यवाद.
[email protected]

आपको मेरी यह सच्ची सेक्स घटना कैसी लगी मुझे Telegram पर ज़रूर बताये में आपके comment और message का इंतज़ार करूगा. इसके अलावा आप कहानी पर नीचे कमेंट करके भी अपनी राय दे सकते हैं.

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Aunty ki chudai in hindi – aunty ki antarvasna – kamvasna story

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Beautiful aunt arouses my lust kamvasna story

kamvasna story: For my studies, I used to live in Papa’s boss’s house. Boss’s wife is very sexy. I came to know that aunt is thirsty for Chudai because her husband lives in another city.

Hello friends, I want to keep a very happy moment in your life today among you guys… Please enjoy. Since this is my first time… so mistakes can happen… please ignore and have fun Aunty ki chudai in hindi.

This thing is done when I had passed the twelfth and I got admission in B.Tech in a college in Noida. We live in Gujarat. My housemates were afraid to send me alone to another city. They were afraid of how I would be alone there, never been out alone.
But I had to be alone Aunty ki chudai in hindi.
Father told me to leave Noida, he told his boss – I want leave. My son has been admitted to the college in Noida. I have to go to Noida to get him PG.

My father used to work with a private businessman. My father had a very good relationship with the owner, which is why he said – don’t worry about your son, keep him at our house. There he will remain with my wife and children. Those people also live there alone Aunty ki chudai in Hindi.

My father’s business is in many cities.
Let me tell you one more thing here that my father’s boss had two wives. One used to live with him here in Gujarat. The other lived with children in Noida, Uttar Pradesh. He used to keep coming there again and again Aunty ki chudai in Hindi.

In this way, he talked about sending my father to me to Noida.

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Papa was happy that the son had got a house to live… his anxiety had lessened now. And I started preparing to go there with my father. The next day we boarded the train and reached Noida on the second day itself.

My father was already familiar with his boss’s family. Then the boss also called. So when they opened the door, they recognized the father v

We met and talked to him. Looking at me, he asked – well this is your son… He is very shy… What is his name?
I said – fame is my name.

After some time, after speaking, he said to Papa ji – don’t worry, my husband told me everything on the phone. You go home worrylessly… I take responsibility for fame from today Aunty ki chudai in Hindi.

Then we all had food etc. And in the evening, my father left me and went back.

Now the fun of sex starts from here.
Only after Dad left, I raised my head and saw that the boss’s house was very luxurious… His house was completely empty Aunty ki chudai in Hindi.

In a while, the owner’s wife came to me. I started talking to them aunt. Now this was the first time, when I saw him very carefully. Aunt was very beautiful.

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He asked me as soon as he came – how was the house?
I said – very beautiful Aunty ki chudai in Hindi.
She said with a smile – well, now that you have come, I will like this house too… the children will also be happy. They must be coming from school now.

They told me my room. My room was at the top. I kept my belongings etc. and started thinking of arranging them later. Everything was done well. I was also happy Aunty ki chudai in Hindi.

The next day aunt took me to see my college. College was to start 2 days later.

We all started living comfortably with Aunty ki chudai in Hindi.

One day, a teacher came to teach tuition to the children and at that time aunt was getting bored. So she came for a walk.

He was wearing maxi at that time. In this, aunt was looking very hot and sexy. Auntie was walking near my room and I was seeing her beauty in the dark room. Perhaps he also came to know that I am watching him Aunty ki chudai in Hindi.

She was walking in a red maxi of silk. In this silky maxi, every part of his entire body was being represented. His nipples were also clearly understood. The line of panties also looked clear. In truth, aunt was looking very sexy at this time Aunty ki chudai in Hindi. His milky nipples were driving me crazy with Auntie Maxi’s deep throat. However, he was wearing a cotton jacket over Maxi, whose buttons were opened.

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He gave me a voice and called me to him. I got out of the room after hearing his voice and came close to him.
She said looking at my cock – I was getting bored, so I called you… You are not disturbed!
My cock had started to swell down, seeing which she started giving a killer smileAunty ki chudai in Hindi.

His killer smile was clearly understandable. I am also young, it did not take me long to understand the meaning of doing them like this.

Auntie Bolin- how do you like me?
I said – you are very beautiful.
He laughed at this and said – Tell the truth!
I said – yes I am speaking the truth.
He said- Okay.

At that time I was wearing a boxer. With this sensual smile of mine, I had become a Rome. Even the cocks below were not agreeing to me Aunty ki chudai in Hindi.

Now we both stood near the boundary hair on the terrace. She was looking at me in a very erotic way. I was also feeling every part of him from a distance. Perhaps the fire had started on both sides, but due to fear, I was not daring.

For half an hour, both of us just kept staring at each other. By then the children also came to the roof. The sound of children brought us consciousness and we both became normal.

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Auntie started going down with smiling children. While going, his trick got home in my heart. She was smiling upon seeing me.
While going, he said – You too come to eat then Aunty ki chudai in Hindi.

I went down after them and came to the room after having dinner. On the table of food, the aunt served me with great leaning and made the condition of my cocks worse. During this time, the aunt also touched my hands twice. But I continued to eat cooked food Aunty ki chudai in Hindi.

When it was night and the children went to sleep… then she came up again. This time she came out with the top row. For the first time, my eyes went to his hardened chest. Aunt had very beautiful boobs. His juicy lips, open hair looked cool. I was lost in them by looking at their elastic waist for Aunty ki chudai in Hindi.

She came close to me and said- Should eat and take a walk… Come walk for a while Aunty ki chudai in Hindi.

I got up for a walk with them. We both started walking on the terrace together. I was really enjoying it. We were talking, suddenly he grabbed my hand and put his hand in my waist and started walking with me. I also caught him by the waist. He did ‘Shashah… ah ..’ lightly.

Then she stopped with support from the wall. I pulled him to me and we both hugged each other very loudly. She started kissing me. I started kissing him too.

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They took my hands on their mums, so I started suppressing their mums. He held me tight in his arms and started kissing me in the neck while caressing my back. As if there was a fire in my body. His juicy lips were driving me crazy. When I touched my lips with their lips, it tasted like hot syrup.

Then the aunt put her one hand down and grabbed my cock and started pressing Aunty ki chudai in Hindi.

We were both lost on each other in the moonlight night on the terrace. By now my lump nut was completely red.

Then he moved his maxi upwards and I also put cocks on his wet pussy. Aunt’s pussy was getting smooth with water. I enjoyed applying supra of cocks on the pussy so much that we started rubbing each other tightly Aunty ki chudai in Hindi.

Then my cock started making its place in aunty’s pussy and at that time aunt slowly opened her legs. But maybe this place was not good for sex. I lifted them into my lap and brought them to my room.

I could not bear it now. My cock was also in its full position Aunty ki chudai in Hindi.

I licked the aunt straight and spread her legs and put supara gently in the pussy slices. On the other hand, Aunty’s pussy was also lusting for taking cocks. I put cocks on aunt’s pussy and started moving in. My cock started penetrating in the pussy. Aunty also opened her legs completely and started making voices in a lighter tone.

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While kissing on his neck, I started bending over him. Crushing the lumps filled with their juices, I shoved the cocks inside and started fucking slowly.

Auntie was doing ‘Shee Shasshassh… Hmm… Shasshah ..’. His intoxicating liquor was filling the entire room in trance Aunty ki chudai in Hindi.

We were constantly kissing each other’s lips. I was sucking their boobs in between. My cock was now getting inside the aunt’s pussy very fast. Aunty’s pussy was so licentious that my cock was getting out without any hindrance. Although my cock was getting big tit like aunty’s pussy. Aunt’s groans were also clearly expressing that my cock was getting thick on aunt’s pussy Aunty ki chudai in Hindi.

For half an hour I kept fucking him continuously. Perhaps in the meantime, two or three times water had come out of his pussy.

Now I too was at my peak. My hair stood up immediately. I held them tightly and started falling. After some time I calmed down and piled on top of them Aunty ki chudai in Hindi.

Ten minutes after the fuck, both of us opened our eyes and started seeing each other with love.
Aunt kissed me and said that today, not knowing how many days, my body’s fire has extinguished. If your uncle comes after many days, then I have to suppress my thirst. Now you will not leave me and go anywhere.
I also kissed the aunt and lay down next to them.

That night we both had sex all night. She was fucking after a long time. We had a lot of fun that night. It is very difficult to write that fun in words Aunty ki chudai in Hindi.

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By mailing me, tell me whether you liked my sex story of aunt’s sex?
What else happened next… I will definitely tell.
Thank you.
[email protected]

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