Desi antarvasna 1 भाभी की चुदाई उनके मायके में जाकर Best Sex

भाभी की चुदाई उनके मायके में जाकर Desi antarvasna

Desi antarvasna: कैसे हो दोस्तो? मैं आपके लिए पड़ोसन भाभी की चूत की एक कहानी लेकर आया हूं. उससे पहले मैं अपने बारे में कुछ बता देता हूं. मेरे दोस्त मुझे प्यार से योगू बुलाते हैं. मैं एक 26 साल का सेक्सी, हैंडसम और अच्छे घर का लड़का हूं. जब से मैं जवान हुआ हूं मेरा लंड मुझे चैन से नहीं बैठने देता है. मैं रोज ही अपने लंड को हिलाता हूं. इसकी प्यास बुझती ही नहीं है. मुझे चुदक्कड़ आंटियां और प्यासी भाभियां बहुत पसंद हैं.

यह बात उन दिनों की है जब मैं बस से कॉलेज जाया करता था. आप सब तो जानते ही हैं कि सुबह के टाइम पर बसों में कितनी भीड़ होती है. मैं हमेशा की तरह अपने कॉलेज जा रहा था. उस दिन मेरे साथ ही मेरे पड़ोस की एक भाभी भी उस बस में चढ़ गई. बस में काफी भीड़ थी.

भाभी ने मेरी तरफ देखा और मैंने भाभी की तरफ. हम दोनों पास में ही खड़े हुए थे. फिर कुछ दूर चलने के बाद बस में और ज्यादा लोग चढ़ गये. अब बस बिल्कुल खचाखच भर गई. भाभी की मोटी गांड मेरे लंड से आकर सट गई. जैसे ही मुझे इस बात का अहसास हुआ कि भाभी की गांड मेरे लंड से सट चुकी है तो मेरा लंड मेरी पैंट में खड़ा होना शुरू हो गया.

मैंने हल्का सा जोर लगा कर अपने लंड को भाभी की गांड की दरार पर मसल दिया. भाभी ने पीछे मुड़ कर देखा. एक बार तो मैं डर गया कि शायद भाभी गुस्सा हो गई होगी. लेकिन उसने मुझे देख कर एक स्माइल दी और फिर मुझसे कहा- मेरे बैग को ऊपर रख दो.
मेरी जान में जान आई कि भाभी गुस्सा नहीं हो रही थी.

मैंने भाभी के बैग को ऊपर सामान रखने की जगह पर रख दिया. फिर भाभी आराम से खड़ी हो गई.
हम दोनों में बातें होने लगी.

मैंने भाभी से पूछा कि वो कहां जा रही है तो भाभी ने बताया कि वो अपने मायके जा रही है.

भाभी अकेली ही थी इसलिए मुझे भी कोई डर नहीं था. बीच बीच में जब धक्के लगते थे तो भाभी मुझसे बिल्कुल चिपक जाती थी. ऐसा करते करते मेरे लंड का तन कर बुरा हाल हो गया.

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फिर मैंने महसूस किया कि भाभी भी अपनी गांड मेरे लंड पर धकेल रही थी. वो अपनी गांड की दरार को मेरे लंड पर सटा कर पीछे की तरफ दबाव बना रही थी. मैं भी बदले में अपने लंड को उनकी गांड की दरार में पूरा का पूरा घुसाने की कोशिश करने लगा. बहुत मजा आ रहा था. मन कर रहा था अभी भाभी को नंगी करके चोद दूं लेकिन जैसे तैसे मैंने खुद को कंट्रोल करके रखा हुआ था.

हम दोनों आपस में बातें करते हुए ऐसे दिखा रहे थे कि सब कुछ नॉर्मल ही हो रहा है.

उसके कुछ पल के बाद भाभी ने अपना हाथ धीरे पीछे ले जाकर मेरे लंड को पकड़ लिया और उसको सहलाने लगी. मेरी तो हवा टाइट हो गई. भाभी भरी बस में मेरे लंड को पकड़ कर सहला रही थी.
मैंने भी पूरा जोर लगा कर भाभी की तरफ अपने शरीर के वजन को आगे धकेल दिया. हम दोनों इस कामुक मदहोश कर देने वाले पलों का मजा ले रहे थे.

तभी मैंने सीट वाले डंडे पर अपने हाथ को आगे की तरफ रख लिया. भाभी ने अपने मस्त चूचों को मेरी कुहनी के आगे वाले भाग की तरफ अपने चूचों को मेरे हाथ से सटा दिया और मेरे हाथ पर अपने चूचों को स्पर्श देने लगी.
मैं पागल सा होता जा रहा था. इधर भाभी के अंदर भी सेक्स पूरा भड़का हुआ था.

फिर मैंने आस पास देखा कि कोई हमारी इस हरकत पर ध्यान तो नहीं दे रहा. जब सब जगह नजर दौड़ाने के बाद मैंने ठीक ठाक पाया तो मैंने हल्के से अपने हाथ को भाभी के चूचों पर लाकर उनको छेड़ने लगा. मेरे हाथ की उंगलियां भाभी के चूचों के निप्पलों पर लग रही थीं.

भाभी की हल्की सी सिसकारी निकलना शुरू हो गई थी. भाभी के चूचों के निप्पल काफी टाइट थे. उसको छूकर पता नहीं चल रहा था कि वो दो बच्चों की मां है. मैंने जोर से उसके निप्पलों को मसलना शुरू किया तो भाभी बोली- आज मेरे साथ मायके ही चलो. मैं तुम्हें अपने मायके की सैर करवाऊंगी.

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मैं भी समझ गया था कि भाभी मायके की नहीं अपनी चूत की सैर करवाने के मूड में लग रही है.

तभी भाभी ने अपने पर्स से फोन निकाला और अपने घर वालों को बता दिया कि उनके साथ मैं भी उनके मायके आ रहा हूं. भाभी के बदन को छेड़ते छेड़ते कब सफर कट गया कुछ नहीं पता लगा.

फिर उनके घर जाकर हमने आराम किया. अब मुझसे रात का इंतजार करना मुश्किल हो रहा था. उनके घर में मेरी काफी खातिरदारी हुई और फिर आखिरकार सोने का समय भी आ ही गया. भाभी और मैं दोनों एक ही कमरे में सोने वाले थे. ये सोच कर मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा होने लगा था. मेरे लंड ने कई बार चिपचिपा पदार्थ छोड़ दिया. भाभी की चूत के बारे में सोच कर ही मेरा कामरस निकला जा रहा था.

लेकिन तभी उसकी मां हमारे बीच में आ गई. वो अपनी बेटी से बात करने के लिए हमारे कमरे में ही आ गयी. मैं मन ही मन उसकी मां को गालियां देने लगा. मगर फिर मुझे इस बात से थोड़ा सन्तोष करना पड़ा कि हम दोनों का बिस्तर जमीन पर नीचे एक साथ लगा दिया गया. ऊपर बेड पर उसकी मां सोने वाली थी.

वो दोनों आपस में बातें करने लगीं और कुछ देर के बाद लाइट बुझा दी गई. लेकिन उन दोनों की बातें अभी भी चल रही थीं. मैं तो पहले से ही सोने का नाटक कर रहा था. जैसे ही लाइट बंद की गई मैंने धीरे अपने और भाभी के बदन को चादर के नीचे ढक लिया और मैं भाभी की गांड के साथ चिपक गया.

ज्यादा कुछ हरकत तो नहीं हो सकती थी क्योंकि उसकी मां को हमारे बारे में पता चल जाता. मैं धीरे धीरे भाभी की गांड को अपने हाथ से दबाने लगा. मैंने अपने लंड को साड़ी के ऊपर से ही भाभी की गांड से सटा रखा था. भाभी बातों में लगी हुई थी. फिर मैंने धीरे से उसकी साड़ी को ऊपर करना शुरू कर दिया. अंधेरे में कुछ पता नहीं चल रहा था लेकिन उसकी चिकनी टांगों पर उंगलियां फिराते हुए मुझे बहुत मजा आ रहा था.

जब पूरी साड़ी ऊपर तक आ गई तो मैं अपने पैरों को उसकी जांघों से घिसने लगा. फिर मैंने उसकी भारी सी गांड में फंसी हुई छोटी सी जालीदार पैंटी को उसके कूल्हों के बीच से उंगली घुसाते हुए खींच दिया.

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उसके बाद मैंने अपने अंडरवियर को भी नीचे किया और उसकी पैंटी के अंदर लंड को लगा कर उसकी जांघों के बीच में भाभी की चूत के पास फंसा दिया. मेरा लंड भाभी के चूतड़ों में जाकर सट गया.

मेरे तने हुए लंड की छुअन से भाभी की हल्की सी आह्ह निकली लेकिन भाभी ने खुद को रोका हुआ था. वो अपनी मां को बातों में लगाए हुए थी और साथ में ही मेरे लंड का मजा भी ले रही थी. मैं अपने लंड को उसकी गांड पर घिसने लगा. भाभी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

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कुछ देर जब ऐसे ही घिसते हुए हो गई तो भाभी ने धीरे अपने हाथ पर थूक लगाया और अपना हाथ अपनी जांघों के बीच में लाकर मेरे लंड के सुपारे पर थूक को मलते हुए उसको चिकना करने लगी. भाभी ने मेरे लंड को पूरा चिकना कर दिया. मेरे लंड के सुपारे पर जब भाभी के हाथ घिस रहे थे तो मैं भाभी की चूत चूत को चोदने के लिए जैसे मरा जा रहा था. मेरे लंड के सुपारे में एक अजीब सी सरसराहट दौड़ रही थी.

फिर भाभी ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और अपनी चूत के मुंह पर लगा कर अपनी गांड को पीछे धकेल दिया. मुझे भाभी का इशारा मिल गया.

मैंने अपने लंड को भाभी की चूत पर सटे हुए आगे की तरफ एक हल्का सा धक्का मारा और मेरा लंड भाभी की गर्म चूत में घुस गया.
उम्म्ह … अहह … हय … ओह … मजा आ गया.

भाभी की गर्म चूत में जाते ही मैंने उसकी कमर को अपने हाथों में थाम लिया और बिल्कुल धीरे-धीरे अपनी गांड को हिलाते हुए मैं भाभी की चूत में धक्के लगाने लगा. भाभी भी हल्के हल्के अंदाज में अपनी गांड को मेरे लंड की तरफ धकेल रही थी.
धीमी चुदाई शुरू हो गई.

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भाभी की चूत में जाते ही मेरा लंड और ज्यादा गर्म और टाइट हो गया था. भाभी की चूत ने जैसे मेरे लंड को अंदर ही जकड़ लिया था. मैं धीरे से लंड को बाहर लाता और फिर हल्के से धक्के के साथ भाभी की चिकनी चूत में फिर से धक्का लगा देता. पूरा लंड भाभी की चिकनी चूत की गहराइयों में उतरने लगा. उसकी चूत की पंखुड़ियां जैसे मेरे लंड को निचोड़ने में लगी हुई थी. मुझे जैसे जन्नत का मजा मिल रहा था.

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कुछ देर तक ऐसे ही करने के बाद मुझसे रहा न गया और मैंने अपने मोटे लंड जोर से भाभी की चूत में पेल दिया तो भाभी की आह्ह निकल गई.
उसकी ऐसी आवाज सुनकर उसकी मां बोली- क्या हुआ?
भाभी बोली- कुछ नहीं, ऐसा लग रहा था जैसे पीछे कुछ चुभ रहा हो.
उसकी मां बोली- लाइट जला कर देख लो.
भाभी तपाक से बोली- नहीं मां, सब ठीक है.

भाभी को भी डर हो गया था कि अगर लाइट जली तो सारा मजा खराब हो जायेगा. इसलिए उसने बात को तुरंत संभाल लिया. उसके बाद वो दोनों फिर से बातों में लग गई. कुछ देर तक मैंने भाभी की चूत में लंड डाल कर मजा लिया और फिर मैं भाभी की गांड के छेद पर भी उंगली चलाने लगा.

भाभी ने अपनी दोनों जांघों को थोड़ा सा और खोल दिया और मेरी उंगली भाभी की गांड में चली गई. भाभी उचक सी गई लेकिन उसने कोई आवाज नहीं की. एक दो बार मैंने भाभी की गांड में उंगली की और फिर वापस निकाल ली.

फिर पता नहीं भाभी को क्या शरारत सूझी कि उसने अपने एक हाथ को पीछे लाकर मेरी गांड पर टटोलते हुए मेरी गांड के छेद को ढूंढ लिया और अपनी उंगली मेरी गांड में घुसाने की कोशिश करने लगी. मुझे मजा तो नहीं आ रहा था लेकिन मेरे लिए यह एक नया अनुभव था. मेरा लंड भाभी की चूत में था और भाभी की उंगली मेरी गांड के छेद को सहला रही थी. फिर उसने अपने हाथ को वापस आगे की तरफ खींच लिया.

मुझे गांड में जलन सी होने लगी. शायद भाभी की उंगलियों का तेज नाखून मेरी गांड में लग गया था. मैंने जोर से भाभी की चूत को चोदना शुरू कर दिया. पच-पच की आवाज हो गई तो उसकी मां को फिर शक हो गया.
वो बोली- ये आवाज कैसी आ रही है?
भाभी बोली- कुछ नहीं, योगू को शायद मच्छर परेशान कर रहे हैं. वो मच्छर मार रहा है.

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मैंने फिर से अपने धक्कों को धीमा कर दिया. जोर से चुदाई होना अभी संभव नहीं था. मैं धीरे धीरे ही भाभी चूत में लंड को चलाता रहा. भाभी भी पूरे रिदम में मेरा साथ देती रही.

दोस्तो, इस तरह धीमी चुदाई करने में भी बहुत मजा आता है. जिन लोगों ने इस तरह से प्यार वाली धीमी चुदाई का मजा लिया है वो जानते होंगे कि इस तरह की चुदाई में ताबड़तोड़ चुदाई से ज्यादा रस मिलता है. भाभी की चूत रस छोड़ते हुए पूरी चिकनी हो गई थी. उसकी चूत में लंड डालते हुए अब मुझे ऐसा लगने लगा था कि जैसे मैं किसी मक्खन के कटोरे में लंड को डाल रहा हूं.

गर्म चिकनी चूत की चुदाई का जो मजा भाभी उस रात को मुझे दे रही थी उसको अपने शब्दों में मैं लिख नहीं पा रहा हूं. मैं जोर से उसकी चूत को फाड़ देना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहा था. फिर मैंने उसके चूचों को पकड़ लिया और उसको कस कर बांहों में भरते हुए उसके चूचे भी साथ में दबाने लगा.

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भाभी का पूरा बदन मेरे बदन से सट गया था. उसके मोटे चूचे दबाते हुए मैं उसकी चूत में धीरे-धीरे लंड को घिसता रहा.

काफी देर तक ऐसे ही हम पड़े-पड़े हिलते रहे. भाभी की आवाज भारी होने लगी थी. उसकी आवाज से कामुकता साफ झलक रही थी. लेकिन अपने आप को कंट्रोल करके रखे हुए थी. उसकी मां को भी नींद नहीं आई थी. अब भाभी से जब रुका नहीं गया तो उसने पीछे हाथ लाकर मेरे चूतड़ों को अपने हाथों में पकड़ लिया और मेरी गांड को आगे की तरफ धकेलते हुए अपनी चूत के अन्दर मेरे लंड के धक्के मरवाने लगी.

मैं भाभी की बेबसी समझ सकता था. अगर उसकी मां वहां पर न होती तो मैं भाभी की चूत को फाड़ कर रख देता लेकिन हम दोनों ही मजबूर थे. मैंने भी थोड़ा और अंदर तक लंड को घुसाने की कोशिश की.

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भाभी की गांड काफी भारी थी. इसलिए लंड पूरा जड़ तक भाभी की चूत में नहीं उतर रहा था. या फिर भाभी को और गहराई तक लंड लेने की आदत थी. वो बार-बार मेरी गांड को अपने हाथों के सहारे से अपनी चूत की तरफ धकेल रही थी.

उसकी आवाज लड़खड़ाने लगी थी. लेकिन वो ऐेसे बर्ताव कर रही थी जैसे वो नींद आने के चलते बड़बड़ा रही है ताकि उसको मां को इस बात का शक न हो जाये कि उसकी बेटी एक मोटे और लंबे लंड के साथ नीचे फर्श पर पड़ी हुई अपनी चूत की चुदाई करवा रही है.

फिर मैंने तेजी से लंड को भाभी की चूत में चलाना शुरू कर दिया. मैंने भाभी को कस कर पकड़ लिया और तीन चार जोर के धक्के लगा दिये और फिर मेरे लंड ने जवाब दे दिया. मेरे लंड से गर्म गर्म वीर्य निकल कर भाभी की चिकनी चूत में भरने लगा. मैं झटके मारते हुए भाभी की चूत में वीर्य को गिराता चला गया.

मैंने सारा का सारा वीर्य उसकी चूत में खाली कर दिया. भाभी ने जैसे मेरे लंड को अपनी चूत में दबोच लिया था. ऐसा लग रहा था कि वो भी झड़ गई है. फिर हम दोनों नॉर्मल होते आ गये. अभी तक भी उसकी मां नहीं सोई थी. मुझे गुस्सा आ रहा था. लेकिन मैं चुपचाप भाभी की चूत में लंड को डाले हुए लेटा रहा.

जब काफी देर तक की उनकी बातें खत्म नहीं हुईं तो मैंने भाभी को अपनी बांहों में भर लिया और अपने लंड को ऐसे ही उनकी चूत में रख कर सो गया.

सुबह जब उठा तो मैं अकेला ही वहां पर सोया हुआ था. मैंने उठ कर देखा तो चादर मेरे ऊपर थी और मेरा लंड अभी भी बाहर ही लटक रहा था लेकिन अब सोई हुई अवस्था में था इसलिए चादर के नीचे से पता नहीं लग रहा था.

वो दोनों मां-बेटी वहां कमरे में नहीं थी. फिर मैं भाभी के साथ ही अपने घर पर वापस आ गया. अब जब भी कभी मुझे मौका मिलता है मैं भाभी को कॉल कर लेता हूं. मुझे वो सेक्सी चुदक्कड़ भाभी पूरे मजे देती है.

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अब तो मैं सोच रहा हूं कि कॉल ब्वॉय का धंधा ही शुरू कर दूं. मुझे भाभियों और आंटियों की चूत भी मिल जाया करेगी और इस तरह से मेरी चुदाई की इच्छा पूरी होने के साथ ही मेरी कुछ कमाई भी हो जाया करेगी.

तो दोस्तो, ये थी भाभी की चूत चुदाई की कहानी. आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी. मुझे आप लोग मैसेज करके बताना ताकि मैं आप लोगों के मैसेज से प्रेरित होकर आगे भी आपके लिए अपनी कहानी लेकर आऊं.
आपका योगू
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Bhabhi ki chudai unke mayke Jakar Desi antarvasna

Desi antarvasna: how are you guys? I have brought for you a story of the neighbor’s sister-in-law’s pussy. Before that, I tell something about myself. My friends call me Yogu affectionately. I am a 26 year old sexy, handsome and good homeboy. Since I am young my cock does not let me sit in peace. I shake my cock every day. Its thirst does not quench. I love Chutkad Aunties and Thirsty Bhabhi Desi antarvasna.

This is about those days when I used to go to college by bus. You all know how crowded the buses are in the morning time. I was going to my college as usual. That day, along with me, a sister-in-law from my neighborhood also boarded the bus. The bus was very crowded.

Sister-in-law looked at me and I turned towards her. We both stood nearby. Then after walking some distance more people boarded the bus. Now the bus was full. Sister-in-law’s thick ass came close to my cock. As soon as I realized that the sister-in-law’s ass was attached to my cock, then my cock started to stand in my pants then Desi antarvasna

I thrust my cock on the rift of the sister-in-law with a little force. Sister-in-law looked back. Once I was afraid that maybe sister-in-law might have been angry. But after seeing me, he gave me a smile and then told me – put my bag up for Desi antarvasna
It was known in my life that sister-in-law was not getting angry.

I put the sister-in-law’s bag on top of the luggage. Then sister-in-law stood up comfortably.
We both started talking for Desi antarvasna

I asked her sister-in-law where she is going, so she told that she is going to her maternal home then Desi antarvasna

Sister-in-law was alone, so I too had no fear. When there was a rash, the sister-in-law used to stick with me. While doing this, my cock was in bad shape for Desi antarvasna

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Then I realized that sister-in-law was also pushing her ass on my cock. She was pressing her ass crack on my cock and pressing backwards. I also in turn started trying to penetrate my cock completely in the rift of his ass. It was a lot of fun. Wanted to give it to her sister-in-law and then fuck her, but somehow I kept myself controlled.

Both of us were talking like we were showing that everything is normal in Desi antarvasna

After a few moments of her, sister-in-law slowly moved her hand back and grabbed my cock and started caressing it. My air got tight. Sister-in-law was holding my cock in the bus.
I too pushed my body weight forward towards sister-in-law. We were both enjoying this sensual seductive moments the Desi antarvasna

Then I put my hand on the seat pole. Sister-in-law put her hands on the front of my elbow with my hand on my nipples and touch my hands on my hands began to touch the Desi antarvasna
I was going crazy. Here, the sex inside the sister-in-law was also full.

Then I saw around that no one is paying attention to our actions. When after finding eyesight everywhere, I found it okay, then I lightly brought my hand over her sister’s pussy and started teasing them. The fingers of my hand were on the nipples of her sister’s nipples like Desi antarvasna

Sister-in-law’s slight sizzling was started. Bhabhi’s nipples were very tight. By touching her, it was not known that she is the mother of two children. When I started rubbing her nipples loudly, then sister-in-law said – Come with me today. I will make you visit my maternal grandfather.

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I also understood that the sister-in-law is in the mood to take a tour of her pussy, not her mother’s.

Then sister-in-law took out the phone from her purse and told the people of her house that I am coming with them to their parents. When traveling while teasing her body, nothing was found out for Desi antarvasna

Then we went to his house and rested. Now I was finding it difficult to wait for the night. I had a lot of goodwill in his house and then finally the time for sleep had arrived. Both sister-in-law and I were about to sleep in the same room. Thinking that my cock was already standing. My cock left sticky material many times. Thinking about the sister-in-law’s pussy, my Kamras was being removed the Desi antarvasna

But then his mother came among us. She came to our room to talk to her daughter. I started to abuse my mother in my heart. But then I had to be a little satisfied with the fact that the bed of both of us was put down together on the ground. His mother was about to sleep on the bed above the Desi antarvasna

They both started talking among themselves and after some time the light was extinguished. But the talks of both of them were still going on. I was already pretending to sleep. As soon as the light was turned off, I slowly covered my body and her sister’s body under the sheet and I stuck with sister-in-law’s ass like Desi antarvasna

There could not be much action because his mother would have known about us. I slowly started pressing my sister’s ass with my hand. I kept my Lund on the top of the sari with the sister-in-law’s ass. She was engaged in things. Then I slowly started to up her sari. Nothing was being known in the dark, but I was having a lot of fun moving my fingers on his smooth legs on the Desi antarvasna

When the whole sari came up, I started rubbing my legs with her thighs. Then I pulled a small netted panty stuck in her huge ass, by inserting a finger from between her hips.

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After that I also put my underwear down and put the cocks inside her panties and stuck her in the middle of her thighs, near her sister’s pussy. My cock got caught in sister-in-law’s pussy.

A slight sigh of sister-in-law came out of the touch of my trunk cocks, but the sister-in-law stopped herself. She was engaged in talking to her mother and was also enjoying my cock as well. I started rubbing my cock on her ass. Sister-in-law was giving me full support the Desi antarvasna

For some time, when she was rubbing like this, the sister-in-law gently spit on her hand and brought her hand between her thighs and rubbed the spit on the lump of my cocks and started smoothing it. Sister-in-law made my cock very smooth. When my sister’s hands were rubbing on the supine penis, then I was going to die as if to fuck her pussy. There was a strange rustle in my supine cock for Desi antarvasna

Then sister-in-law caught my cock and put it on the mouth of her pussy and pushed her ass back. I got a hint of sister-in-law.

I hit my cock in front of the busty sister-in-law, with a slight push towards it and my cock entered into her hot pussy.
Ummh… Ahhh… Hahh… Oh… Enjoyed it the Desi antarvasna.

As soon as I got into her hot pussy, I held her waist in my hands and while shaking my ass very slowly, I started to push her in law’s pussy. Bhabhi was also pushing her ass towards my cock in a mild manner.
Slow fucking started.

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My cock had become more hot and tight as soon as my sister-in-law entered her pussy. Sister-in-law’s pussy like my cock was caught inside. I would gently bring the cocks out and then lightly push me into the sister-in-law’s smooth pussy again. The whole cock began to descend into the depths of her sister’s smooth pussy. Her pussy petals were like squeezing my cock. I was enjoying Jannat like that.

After doing something like this for a while, I could not keep up and I put my thick cocks in my sister’s pussy with a loud cock, then the sister-in-law’s sigh came out of Desi antarvasna.
Hearing his voice, his mother said- what happened?
Sister-in-law said nothing, it seemed as if something was piercing behind.
His mother said – see the light on.
Sister-in-law said to her, no mother, everything is fine.

Sister-in-law also got scared that if the light lit up, all the fun would be spoiled. So he handled the matter immediately. After that, both of them started talking again. For some time I enjoyed putting cocks in her pussy and then I started to run finger on her ass hole on Desi antarvasna.

Sister-in-law opened both her thighs a little more and my finger went into sister-in-law’s ass. Sister-in-law was surprised but she did not make any sound. A couple of times, I fingered her sister-in-law’s ass and then withdrew the Desi antarvasna.

Then do not know what mischief the sister-in-law felt that she brought her hand behind and searched my ass hole on my ass and started trying to insert her finger into my ass. I was not enjoying it but it was a new experience for me. My cock was in Bhabhi’s pussy and sister-in-law’s finger was caressing my ass hole. Then he pulled his hand back forward the Desi antarvasna.

I started getting jealous in the ass. Perhaps the sharp nail of the sister-in-law’s fingers was found in my ass. I started fucking her sister’s pussy loudly. When his voice became bitter, his mother again became suspicious in Desi antarvasna.
She said – how is this sound coming?
Sister-in-law said, nothing, Yogu may be bothering mosquitoes. He is killing the mosquito.

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I slowed down my bumps again. It was just not possible to fuck hard. Slowly I kept running cocks in her pussy. Sister-in-law also supported me throughout the rhythm.

Friends, it is also very fun to do slow fucking like this. Those who have enjoyed slow love in this way will know that such kind of sex gives more juice than quick fuck. The sister-in-law’s pussy was completely smooth leaving juice. Putting cocks in her pussy, now I felt as if I am putting cocks in a bowl of butter for Desi antarvasna.

I am not able to write the fun of hot smooth pussy fucking that sister was giving me that night. I wanted to tear her pussy out loud but could not do it. Then I caught her boobs and while filling her tightly in the arms, her boobs also pressed.

My whole body of sister-in-law was attached to my body. While pressing her thick pussy I slowly rubbed the cocks in her pussy on Desi antarvasna.

We kept moving like this for a long time. Sister-in-law’s voice started getting heavy. The sensuality was evident in his voice. But she was keeping herself under control. His mother also did not sleep. Now when the sister-in-law was not stopped, she brought her hands behind me and grabbed my fists in her hands and started pushing my ass in my pussy while pushing my ass forwards the Desi antarvasna.

I could understand the helplessness of sister-in-law. If her mother had not been there, I would have torn her sister-in-law’s pussy but both of us were helpless. I also tried to penetrate the cocks a little further.

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Bhabi’s sister was quite heavy. That is why the whole cock was not getting down in the law’s pussy. Or the sister-in-law used to take cocks even deeper. She was repeatedly pushing my ass towards her pussy with the help of her hands.

His voice began to falter. But she was behaving like she is stuttering due to sleep so that her mother does not have any doubt that her daughter is getting her pussy licked on the floor with a thick and long cock like Desi antarvasna.

Then I started running the cocks fast in law’s pussy. I caught her sister-in-law tightly and hit me with three to four thrusts and then my cock responded. Hot hot semen came out of my cock and started filling in the smooth pussy of the sister-in-law. I went on to jerk the bhabhi while dropping the semen in her pussy but Desi antarvasna.

I emptied all her semen into her pussy. Sister-in-law had caught my cock in her pussy. It seemed that she had also fallen. Then we both started being normal. Still his mother had not slept. I was getting angry But I kept lying quietly putting cocks in her sister’s pussy in the Desi antarvasna.

When their talks did not end for a long time, I filled the sister-in-law in my arms and put my cock in her pussy and went to sleep in Desi antarvasna.

When I woke up in the morning, I was the only one sleeping there. When I woke up, the sheet was on top of me and my cock was still hanging outside, but now it was sleeping, so it was not known from under the sheet for Desi antarvasna.

Both those mothers and daughters were not there in the room. Then I came back to my house with sister-in-law. Now whenever I get a chance, I call sister-in-law. I enjoy that sexy chubby sister-in-law.

Desi antarvasna Now I am thinking that I should start the business of call boy. I will also get the pussy of sisters and aunts and in this way my fuck will be fulfilled as well as I will earn some money in Desi antarvasna.

So friends, this was the story of bhabhi’s pussy fuck. How did you like my story? Please tell me by messaging you so that I will come forward with your story for you, inspired by your message.
Your yoga
[email protected]

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