Follow my blog with BloglovinMausi ki chudai story 1 मौसी को चोदने का आनन्द best sexstory

Mausi ki chudai story 1 मौसी को चोदने का आनन्द best sexstory

मौसी को चोदने का आनन्द Mausi ki chudai story

Mausi ki chudai story: मैंने अपनी मौसी की चुदाई अपने ही घर में की. रिश्तेदारी लगती में मौसी हमारे घर आई . एक दिन मौसी का पैर फिसला, मैंने उनकी मदद की तो …

दोस्तो, ये मेरी पहली कहानी है. मैं आशा करता हूं कि आपको मेरी यह कहानी पसंद आयेगी. अगर कहानी में कोई गलती हो जाये तो मैं आप लोगों से पहले ही माफी चाहता हूं. अब मैं अपनी पहली कहानी शुरू करता हूं.

मेरा नाम रोहित है और मैं दिल्ली में रहता हूं. मेरी जॉब एक कंपनी में है. मैं उस कंपनी में इंजीनियर की पोस्ट पर काम करता हूं. मेरे लंड का साइज करीबन सात इंच का है. यह बात कुछ साल पहले तब की है जब मैं मात्र 19 साल का था. आप समझ सकते हैं कि मैंने उस वक्त अपनी जवानी में कदम रखा ही था. उस वक्त मुझे सेक्स के बारे में ज्यादा नॉलेज नहीं थी. यह कहानी मेरी और मेरी मौसी के बारे में है.

वो मेरी सगी मौसी नहीं थी लेकिन रिश्तेदारी में मेरी मौसी ही लगती थी. उसका नाम नीलू था और वो भी दिल्ली में अपने परिवार के साथ ही रहती थी. वो देखने में भी काफी सुंदर थी.
मौसी के चूचों का साइज ज्यादा बड़ा तो नहीं था लेकिन उसके चूचे देखने में संतरे के आकार के लगते थे. उन संतरों के रस को पीने के लिए मेरे मन में भी तरंग उठ जाती थी.

एक बार ऐसा हुआ कि वो हमारे घर पर आई हुई थी. मेरी मां ने उसको बुलाया था. मेरी मां को दीदी के घर पर जाना था सात दिनों के लिये. दीदी चंडीगढ़ में रहती थी. घर पर खाना बनाने के लिए कोई नहीं था इसलिए नीलू मौसी को ही बुला लिया था हमने। जब वो हमारे घर पर आई तो मैंने उन पर इतना गौर नहीं किया.

उनके आने के बाद मां ने पैकिंग करनी शुरू कर दी और मैंने भी मां का हाथ बंटाया. उस वक्त मैंने नीलू मौसी पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था क्योंकि मैं मां के साथ बिज़ी हो गया था. नीलू मौसी रसोई में काम करने के लिए चली गई थी. फिर सारी पैकिंग होने के बाद हम लोग शाम का खाना खाने के बाद सो गये थे.

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उस रात को मां और मौसी की ही बात हुई. मेरी बात मौसी से नहीं हो पाई.

फिर अगले दिन मैं मां को लेकर रेलवे स्टेशन पर चला गया. मैंने फिर वहीं से मैट्रो ले ली और अपने काम पर चला गया.

मैं आपको अपने घर के बारे में तो बताना भूल ही गया. कहानी को आगे बढ़ाने से पहले मैं आपको अपने घर के बारे में बता देता हूं ताकि आपको कहानी को समझने में ज्यादा आसानी हो सके. हमारा घर दो मंजिल का है. नीचे वाले फ्लोर को हमने किराये पर दिया हुआ है और ऊपर वाले फ्लोर पर हम खुद रहते हैं. ऊपर वाले फ्लोर पर हमारे दो रूम हैं जिसमें एक रूम में माँ और पापा रहते हैं और दूसरे रूम में मैं खुद रहता हूं.

चूंकि अब मां चली गई थी तो पापा को एक रूम में सोना था. मौसी और मुझे दूसरे रूम में यानि कि मेरे रूम में सोना था. मेरे रूम में हमने दो बेड लगा रखे थे. अगर घर पर कोई मेहमान आता था तो वह मेरे रूम में ही रुकता था क्योंकि दूसरा रूम तो मां और पापा के लिए था. इसलिए नीलू मौसी को भी मेरे ही रूम में रहना था.

उस वक्त ठंड का मौसम चल रहा था. दिल्ली में काफी ठंड पड़ती है. उस दिन जब मैं शाम को घर लौटा तो मौसी बाथरूम में नहा रही थी. मैं अपने लिये चाय बनाने लगा. रसोई में जाकर मैंने चाय बना ली और फिर अपने कमरे में आ गया. मौसी को नहीं पता था कि मैं घर पर आ चुका हूं. जब मैं रूम में आया तो देखा कि मौसी ब्रा और पेंटी में ही बाहर आ रही थी. मेरी नज़र उस पर पड़ी. मौसी ठंड के मारे कांप रही थी. उसकी नजर जब मुझ पर पड़ी तो एकदम से घबरा गई और वापस से बाथरूम की तरफ भागने की कोशिश करने लगी.

इसी कोशिश में नीलू मौसी का पैर फिसल गया क्योंकि अभी मौसी के गीले बदन से पानी टपक रहा था. इस वजब से उनका फर्श पर मौसी का पैर फिसल गया था. वो नीचे फर्श पर गिर गई.

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मैं उनको उठ कर रोकने के लिए दौड़ा लेकिन वो तब तक गिर गई थी. फिर मैंने उनको उठाने की कोशिश की तो वो शर्म से एकदम लाल हो गई थी. उनको उठाते हुए पता चला कि मौसी के पैर में मोच आ गई है. मौसी ने एक दो बार उठने की कोशिश की लेकिन उनसे नहीं उठा गया.

फिर मैं उनको गोद में उठाने लगा. मैं उठा कर मौसी को बेड पर लेटाने लगा तो मेरा हाथ मौसी के चूचों पर लग गया. मौसी के चूचे पर हाथ लगते ही मेरे बदन में करंट सा दौड़ गया. मगर मौसी ने कुछ नहीं बोला वो बस नीचे देख रही थी.
फिर मैं वहां से दूसरे रूम में आ गया.

तभी पापा भी आ गये. पापा और मैं दोनों ही बैठ कर टीवी देखने लगे. हॉल में टीवी रखा हुआ था और वहीं पर साथ में रसोई भी था. पापा के आने के बाद मौसी कपड़े पहन कर रसोई में जाने लगी.

मैंने कहा- मैं आज का खाना बाहर से मंगवा लेता हूं. क्योंकि मौसी, आपके पैर में मोच आ गई है.
लेकिन मौसी ने कहा कि वो ठीक है और खाना बना लेगी.

फिर पापा भी पूछने लगे कि क्या बात हो गई है.
मैंने पापा को बताया कि मौसी का पैर बाथरूम के बाहर फिसल गया था. फिसल कर गिरने से मौसी के पैर में मोच आ गई थी.
पापा ने मुझसे कहा- रोहित, तुम मौसी के पैर में मालिश कर देना.
मैंने कहा- ठीक है पापा।

पापा ने कहा- आज का खाना बाहर से मंगवा लेते हैं.
पापा के कहने के बाद मौसी भी मान गई मैंने खाना बाहर से मंगवा लिया. हम तीनों ने साथ में बैठ कर डिनर किया. उसके बाद हम सोने की तैयारी करने लगे.

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सोने से पहले मौसी ने मुझे याद दिलाया कि पापा ने मालिश करने के लिए कहा था. मैं भी भूल ही गया था कि मुझे मालिश करने के लिए बोला था पापा ने. फिर मैं मूव लेकर आ गया. मौसी मुस्करा रही थी. लेकिन साथ में थोड़ा शरमा भी रही थी.

अब मौसी ने बताया कि उनके पैर के साथ साथ उनकी कमर ने भी चोट लगी है. मौसी ने मुझे कमर में दवाई लगाने को कहा.

मौसी की चुदाई की शुरुआत

मैंने मौसी को टी-शर्ट ऊपर करने के लिए कहा. वो पेट के बल लेट गयी. मैंने ट्यूब से मूव निकाली और मौसी की कमर में मालिश करने लगा क्योंकि मौसी की कमर में भी दर्द हो रहा था. मालिश करते हुए मेरी उंगली मौसी की गांड पर जा रही थी.

मेरे लंड में तनाव आने लगा था और मैं जान बूझ कर मौसी की गांड के छेद तक पहुंचने की कोशिश करने लगा. फिर एक दो बार मौसी की गांड के करीब पहुंच कर मैंने उंगली वहां पर टच की तो मौसी ने और आगे मालिश करने के लिए मना कर दिया.

हम दोनों उसके बाद अपने अपने बेड पर सो गये.

सुबह उठ कर मौसी नाश्ता बनाने के लिए चली गई. जब मैं नाश्ता करने के लिए आया तो मुझे महसूस हुआ कि मौसी मुझे चोर नजरों से देख रही थी. उसके बाद मैंने नाश्ता किया और फिर मैं अपने काम पर चला गया.

फिर मैं शाम को ही वापस आया. उस वक्त तक पापा भी नहीं आये थे. मैं रूम में जाकर टीवी देखने लगा.

मगर तभी मौसी तौलिया लपेटे हुए बाहर आ रही थी. मौसी ने मुझे देख कर स्माइल की और फिर अपने कपड़े लेकर दूसरे रूम में चली गई. फिर उस रात को भी हमने खाना खाया और सोने लगा.

रात के 12 बजे महसूस हुआ कि कोई मेरे बदन से पकड़ कर मुझे हिला रहा है. मेरी आंख खुली तो देखा कि मौसी मुझे उठा रही थी.

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मैंने पूछा तो मौसी ने बताया कि उनको ठंड लग रही है. मौसी ने कहा कि उनको मेरे पास ही सोना है. मैंने मौसी को मेरे बिस्तर पर आने के लिए कह दिया और हम साथ में सोने लगे. मौसी की गांड मेरी तरफ थी.

अब मेरे मन में वही सीन चल रहा था जब मैंने मौसी को ब्रा और पैंटी में देखा था. मेरा लंड खड़ा होने लगा था. मैंने धीरे से अपने हाथ को मौसी की छाती के आगे ले जाकर उनकी चूची पर रख दिया.
मेरे हाथ रखे जाने पर भी मौसी ने कुछ नहीं कहा. फिर मैंने चेक करने के लिए मौसी के चूचे को दबा कर देखा. तब भी मौसी ने कुछ नहीं कहा. मुझे नहीं पता था कि मौसी सच में सो रही थी या फिर वो यह सब नाटक रही थी.

अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था. मैंने मौसी के चूचे को दबाया तो मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया.

मैंने मौसी की गांड पर अपना लंड लगा दिया. फिर मौसी ने करवट बदली और सीधी हो गई. अब मैं आसानी से मौसी के चूचे दबा सकता था. मैं अब जोर से मौसी के चूचों को दबाने लगा तो वो सिसकने लगी और बोली- ऐसे नहीं दबाते बुद्धू.
मैं मौसी की बात सुन कर हैरान हो गया. वो नींद में नहीं थी.

फिर मौसी ने मेरा हाथ पकड़ कर आराम से अपने चूचे पर रखवाया और दबवाने लगी. उनका एक हाथ मेरे लंड को टटोलते हुए मेरे लंड को सहलाने लगा. अब हम दोनों ही गर्म हो चुके थे.

मौसी कहने लगी कि जब से मैंने तुमको छुआ है तब से ही मैं तुमसे चुदने के लिए बेचैन हो गई थी. यह कह कर मौसी ने मुझे किस करना शुरू कर दिया.
मैने भी मौसी की चूत पर हाथ रख दिया और फिर मौसी की चूत को मसलने लगा. मौसी की चुदाई अब निश्चित थी.

मौसी भी जोर से मेरे लंड को पकड़ कर मसलने लगी. फिर मैंने मौसी के टी शर्ट को निकाल दिया और मौसी ने ब्रा भी नहीं पहनी हुई थी. मैंने एकदम से उसके चूचे को अपने हाथ में भर लिया और चूसने लगा. मौसी के कोमल चूचे बहुत मजा दे रहे थे. उसके मुंह से सिसकारी निकलने लगी थी.

फिर मैंने मौसी की पैंटी को भी निकाल दिया. मौसी की चूत पर रेशम जैसे छोटे बाल थे. मैंने मौसी की चूत पर हाथ लगाया तो वो तड़पने लगी.

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कुछ ही देर में मौसी की चूत गीली होने लगी. फिर वो कहने लगी- जल्दी कुछ करो. अब रुका नहीं जा रहा है.
मैं समझ गया कि मौसी अब मेरा लंड लेने के लिए पूरी गर्म हो चुकी है. मैं भी मौसी की चूत में अपना लंड डालने के लिए मचल उठा था.

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मगर उससे पहले मैं मौसी की चूत को चाटना चाह रहा था. मैंने उठ कर मौसी की चूत को चूसना शुरू कर दिया और वो तेजी से सिसकारियां लेने लगी ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’
मुझे डर लग रहा था कि कहीं मौसी की आवाज दूसरे कमरे में पापा के पास न चली जाये.
मैंने कहा कि मौसी आराम से आवाज करो.
वो कहने लगी कि मुझे बहुत मजा आ रहा है इसलिए अब रुका नहीं जा रहा.

मैंने फिर अपनी जीभ को मौसी की चूत से निकाल लिया और मौसी से कहा कि जैसे मैंने चूत में किया है आप भी मेरे लंड को चूस लो. मैंने लंड मौसी के हाथ में दे दिया. वो मेरे लंड को चूसने लगी और दो तीन मिनट में ही मेरा पानी निकल गया.

फिर हम दोनों किस करते रहे. मौसी ने बताया कि तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा है. मैंने कहा कि इसको लेने में आपको बहुत मजा आयेगा. फिर हम दोनों किस करने लगे.

पांच मिनट के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. उठ कर मैंने मौसी की चूत पर एक किस किया और फिर मैंने उसकी टांगों को चौड़ी कर दिया और मौसी की चूत में लंड को डाल दिया.

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वो मछली की तरह तड़प उठी. मैंने मौसी के चूचों में मुंह दे दिया और मौसी की चूत में धक्के देने लगा. मौसी मेरे बालों को सहलाने लगी.
मौसी की चूत में लंड देकर मुझे बहुत मजा आ रहा था. मैंने मौसी की चूत में तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिये. मौसी झड़ गई और वो ढीली हो गई लेकिन मैंने चुदाई जारी रखी.

चुदाई करते हुए मौसी दूसरी बार गर्म हो गई और फिर से मेरा साथ देने लगी. अब मुझे मौसी की चुदाई करते हुए तीस मिनट हो गये थे. फिर मेरा पानी भी निकलने वाला था. मैंने मौसी की चूत में अपना माल गिरा दिया और मैं शांत हो गया.

फिर हम दोनों साथ में लेट कर किस करने लगे.

उस रात को मैं और मौसी नंगे ही सोये. फिर पूरे सात दिनों तक मैंने नीलू मौसी की चुदाई की. मौसी मुझसे प्यार करने लगी थी. जब तक मौसी घर में रही हम दोनों ने चुदाई के मजे लिये. फिर वो चली गई.

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दोस्तो, आपको मेरी मौसी की चुदाई की कहानी पसंद आई या नहीं … मुझे बताना. मैं अपनी दूसरी कहानी लेकर फिर से आऊंगा. थैंक्स।
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आपको मेरी यह सच्ची सेक्स घटना कैसी लगी मुझे Telegram पर ज़रूर बताये में आपके comment और message का इंतज़ार करूगा. इसके अलावा आप कहानी पर नीचे कमेंट करके भी अपनी राय दे सकते हैं.

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Read in English

Mosi ko chodne ka aanad Mausi ki chudai story

Mausi ki chudai story: I kissed my aunt in her own house. Auntie came to our house in a relationship. One day my aunt’s leg slipped, if I helped her…

Friends, this is my first story. I hope you like this story of mine. If there is a mistake in the story, then I apologize to you in advance. Now I start my first story.

My name is Rohit and I live in Delhi. My job is in a company. I work on an engineer post in that company. The size of my cock is about seven inches. This thing happened a few years ago when I was only 19 years old. You can understand that I had stepped into my youth at that time. At that time, I did not have much knowledge about sex. This story is about me and my aunt and mausi ki chudai story.

She was not my real aunt, but I used to be my aunt in relationship. Her name was Neelu and she also lived in Delhi with her family. She was also very beautiful to look at.
The size of aunt’s boobs was not very big, but her boobs looked like orange in size. To drink the juice of those oranges also wavered in my mind to the mausi ki chudai story.

Once it happened that she was coming to our house. My mother called him. My mother had to go to Didi’s house for seven days. Didi used to live in Chandigarh. There was no one to cook at home, so we had called Neelu Mausi. When she came to our house, I did not pay much attention to them mausi ki chudai story.

After his arrival, the mother started packing and I also shared the mother’s hand. At that time, I did not pay much attention to Neelu Mausi because I got busy with my mother. Neelu aunty went to work in the kitchen. Then after all the packing, we slept after having dinner.

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That night there was talk of mother and aunt. I could not talk to my aunt

Then the next day I took the mother to the railway station. I then took the Metro from there and went to my work to mausi ki chudai story.

I forgot to tell you about my house. Before proceeding with the story, let me tell you about my house so that you can understand the story more easily. Our house is of two floors. We have rented the lower floor and we ourselves live on the top floor. We have two rooms on the top floor in which mother and father live in one room and in the other room I live myself and mausi ki chudai story.

Since the mother had gone away, the father had to sleep in a room. Aunt and I had to sleep in another room ie in my room. We had two beds in my room. If a guest came to the house, he would stay in my room because the other room was for the mother and father. That’s why Neelu Mausi also had to stay in my room to the mausi ki chudai story.

Cold weather was going on at that time. It is very cold in Delhi. That day when I returned home in the evening, my aunt was bathing in the bathroom. I started making tea for myself. Going to the kitchen, I made tea and then came to my room, and mausi ki chudai story. Aunt didn’t know that I had arrived at home. When I came in the room, I saw that my aunt was coming out in bra and panty. I looked at him. My aunt was shivering in the cold. When her eyes fell on me, she became very nervous and tried to run back to the bathroom.

In this effort, Neelu aunty’s foot slipped because the water was dripping from her aunt’s wet body. Her aunt’s foot slipped on the floor with this stunt. She fell down on the floor.

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I ran up to stop her, but she had fallen by then. Then when I tried to raise them, she was completely red with shame. While picking them up, it was found that she had sprained her aunt’s leg. Auntie tried to get up a couple of times but could not get up from them.

Then I started lifting them in my lap. When I got up and started laying my aunt on the bed, my hand got stuck on her aunt’s pussy. As soon as my aunt’s hand was touched, I ran into my body like a current. But aunt did not say anything, she was just looking down.
Then I moved to another room from there like mausi ki chudai story.

Then father also came. Both my father and I sat and watched TV. There was a TV in the hall and there was a kitchen as well. After Papa’s arrival, aunty started wearing clothes and went to the kitchen in mausi ki chudai story.

I said- I get today’s food from outside. Because aunt, you have sprained your leg.
But Aunty said that she is fine and will cook side to the mausi ki chudai story.

Then the father also started asking what has happened.
I told my father that aunt’s leg had slipped outside the bathroom. Mousi’s leg was sprained after slipping.
Papa said to me- Rohit, give massage to your aunt’s feet.
I said – okay dad

Father said- Today’s food is ordered from outside.
After the father said, aunt also agreed that I ordered the food from outside. The three of us sat together and had dinner. After that we started preparing for sleep, mausi ki chudai story.

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Before sleeping, aunt reminded me that Papa had asked for a massage. I had also forgotten that my father had asked me to massage. Then I came with a move. Aunt was smiling. But there was a little bit of blushing as well.

Now aunt told that along with her leg, her waist also hurt. Auntie asked me to apply medicine in her waist.

Aunt’s fuck begin
I asked my aunt to top the T-shirt. She lay down on her stomach. I moved from the tube and started massaging my aunt’s waist because she was also having pain in her waist. While massaging my finger was going on aunt’s ass in mausi ki chudai story.

Tension started coming in my cock and I consciously started trying to reach my aunt’s ass hole. Then once I got close to my aunt’s ass, I touched my finger there and aunt refused to massage further, side mausi ki chudai story.

After that we both slept on our beds.

In the morning, my aunt went to cook breakfast. When I came to have breakfast, I realized that my aunt was watching me with a thief. After that I had breakfast and then I went to my work and mausi ki chudai story.

Then I came back in the evening. Father had not even come till that time. I went to the room and started watching TV.

But then aunty was coming out with a towel wrapped. Auntie smiled at me and then took her clothes and went to another room. Then that night also we ate food and started sleeping and mausi ki chudai story.

At 12 o’clock in the night, I felt that someone was holding me and shaking me. Opened my eyes and saw that my aunt was lifting me.

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When I asked, my aunt said that she is getting cold. Aunty said that they have to sleep with me. I asked my aunt to come to my bed and we started sleeping together. Aunt’s ass was on my side.

Now the same scene was going on in my mind when I saw my aunt in bra and panty. My cock was getting erected. I slowly moved my hand in front of aunt’s chest and put it on her nipple.
Even after my hand was placed, aunt did not say anything about mausi ki chudai story.

Then I tried to check aunty’s pussy to check. Even then aunty did not say anything. I did not know whether my aunt was sleeping really or she was all this drama like mausi ki chudai story.

Now I was not stopping. When I pressed aunty’s pussy, my cock was fully erect.

I put my cock on aunt’s ass. Then aunt turned her side and became straight. Now I could easily press aunt’s pussy. Now I started pressing aunt’s aunts very vigorously, then she started sobbing and said – do not suppress such fools.
I was surprised to hear my aunt. She was not sleepy for mausi ki chudai story.

Then auntie got hold of my hand and placed it comfortably on her pussy and started pressing. One of his hands started stroking my cock while licking my cock. Now both of us were hot.

Aunty started saying that ever since I touched you, I was restless to fuck you. After saying this, aunt started kissing me and mausi ki chudai story.
I also put my hands on aunt’s pussy and then started rubbing her aunt’s pussy. Aunt’s fuck was now fixed in mausi ki chudai story.

Aunty also started to grab my cock with great force. Then I removed my aunt’s t-shirt and aunt was not even wearing a bra. I immediately filled his hand in his cock and started sucking. Mousy’s gentle breasts were giving a lot of fun. Siski was coming out of his mouth in mausi ki chudai story.

Then I also removed aunty’s panties. Her aunt had short hair like silk on her pussy. When I put my hand on my aunt’s pussy, she started to suffer.

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Within a short time, her aunt’s pussy started getting wet. Then she started saying – do something fast. Now there is no stopping.
I understood that my aunt is now too hot to take my cock. I too had got up to put my cock in aunt’s pussy inside mausi ki chudai story.

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But before that I was trying to lick aunty’s pussy. I got up and started sucking aunty’s pussy and she started taking Siskariya fast ‘Ummh… Ahhh… Hahh… Oh… ’
I was afraid that my aunt’s voice might not go to the father in the other room.
I asked my aunt to make a noise.
She started saying that I am having a lot of fun so now I am not stopping, miss this mausi ki chudai story.

I then took my tongue out of aunt’s pussy and told aunt that like I have done in pussy, you also suck my cock. I gave the cocks to aunt’s hand. She started sucking my cock and within two to three minutes my water came out to the mausi ki chudai story.

Then we both continued to kiss. mausi ki chudai story. Aunty told that your cock is very fat. I said that you will enjoy it a lot. Then we both started kissing.

After five minutes my cock was erect again. After getting up, I did a kiss on aunt’s pussy and then I widened her legs and put cocks in aunt’s pussy.

She yearned like a fish. I gave my mouth to aunty’s pussy and started pushing in aunty’s pussy. Aunty started caressing my hair and enjoy mausi ki chudai story.
I was enjoying a lot by giving cocks in aunty’s pussy. I started hitting my aunt’s pussy fast. My aunt collapsed and she became loose but I continued to fuck.

Auntie got hot for the second time while fucking and started supporting me again. Now I had thirty minutes to fuck my aunt. Then my water was also going to drain. I dropped my goods in aunt’s pussy and I became calm about mausi ki chudai story.

Then we both started kissing together.

That night, my aunt and I slept naked. Then for the whole seven days I fuck Neelu aunty. Aunt was in love with me. We both enjoyed sex while my aunt was at home. Then she left for mausi ki chudai story.

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Friends, did you like my aunt’s story or not… tell me. I will come back with my second story. Thanks.
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